सर्दियों में IndiGo की उड़ानें 10% कम—पायलटों के नए रेस्ट नियमों के चलते सरकार सख्त

दिनांक — 10 दिसंबर 2025 | स्थान — नई दिल्ली
देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo को सर्दियों के मौसम में अपनी उड़ानों की संख्या घटानी पड़ेगी। सरकार ने एयरलाइन को आदेश दिया है कि वह अपने फ्लाइट शेड्यूल में कम-से-कम 10% की कटौती करे। इससे पहले डीजीसीए (DGCA) ने केवल 5% कटौती का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने स्थिति को देखते हुए इसे दोगुना कर दिया।
फैसले की वजह क्या है?
पायलटों के काम के घंटों और सुरक्षा मानकों से जुड़े नए नियम (Flight Duty Time Limitations – FDTL) लागू किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार—
पायलटों को लंबी उड़ानों के बीच अधिक आराम का समय देना अनिवार्य है।
लगातार ड्यूटी घंटों पर सख़्त नियंत्रण रखा गया है।
ओवरटाइम और नॉन-स्टॉप शेड्यूल को सीमित किया गया है।
IndiGo के बेड़े में पायलटों की संख्या मौजूदा शेड्यूल के लिए पर्याप्त नहीं पड़ रही, इसलिए उड़ानों में कटौती की जा रही है।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
कुछ व्यस्त रूट्स पर फ्लाइट फ्रीक्वेंसी में कमी दिख सकती है।
टिकट दरों में बढ़ोतरी की संभावना है, क्योंकि मांग-आपूर्ति का अंतर बढ़ेगा।
ट्रैवल एजेंसियों ने यात्रियों को “अग्रिम बुकिंग” की सलाह दी है।
IndiGo की प्रतिक्रिया
कंपनी ने कहा है कि—
नए नियमों के पूर्ण पालन के लिए शेड्यूल में फेरबदल आवश्यक है।
सुरक्षा और पायलटों की वेल-बीइंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार क्यों हुई सख्त?
हाल ही में कई पायलटों ने थकान (Fatigue) संबंधी शिकायतें दर्ज की थीं। DGCA की जांच में पाया गया कि पायलट अक्सर लगातार उड़ानें करने के कारण मानसिक व शारीरिक दबाव में थे।
यही कारण है कि केंद्र सरकार ने DGCA के प्रस्ताव को संशोधित करते हुए कटौती को 10% तक बढ़ाया।




