राष्ट्रीय

शीतकालीन सत्र का 10वां दिन—‘SIR’ और ‘वंदे मातरम्’ पर सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस

तारीख — 12 दिसंबर 2025
स्थान — संसद भवन, नई दिल्ली

देश की संसद में शुक्रवार को शीतकालीन सत्र का 10वां दिन काफी हंगामेदार रहा। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर बहस गर्माती रही, जिनमें SIR (Special Intensive Revision) और ‘वंदे मातरम्’ मुख्य विषय रहे। दोनों सदनों में इन मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

क्या है विवाद का केंद्र?

SIR (Special Intensive Revision) पर विवाद

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में SIR की टाइमलाइन बढ़ाए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर “राजनीतिक हस्तक्षेप” का आरोप लगाया।

विपक्ष का कहना है—

SIR बढ़ाने का फैसला कुछ राज्यों में लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया।

यह “प्री-पोल मैनिप्युलेशन” का संकेत हो सकता है।

सरकार का जवाब—

यह चुनाव आयोग का स्वतंत्र निर्णय है।

मतदाता सूची के अपडेट में देरी के कारण टाइमलाइन बढ़ाई गई है।

विपक्ष बेवजह राजनीतिक रंग दे रहा है।

‘वंदे मातरम्’ पर बहस

सदन में ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा भी उठा, जहाँ—

विपक्ष ने कहा कि देशभक्ति राजनीतिक दबाव बनाकर नहीं थोपी जानी चाहिए।

कुछ सांसदों ने आरोप लगाया कि यह मुद्दा “वोट बैंक की राजनीति” से जुड़ा है।

सरकार का पक्ष—

वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत है, इसका सम्मान सबको करना चाहिए।

विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

दोनों सदनों में हंगामा—अक्सर स्थगन

  • लोकसभा में कई बार शोर-शराबा हुआ, जिससे कार्यवाही आंशिक रूप से स्थगित करनी पड़ी।
  • राज्यसभा में भी विपक्ष ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर चर्चा की मांग की।

महत्वपूर्ण बिल भी सूची में थे

सत्र के 10वें दिन सरकार कई महत्वपूर्ण बिलों को पेश करने या उन पर चर्चा आगे बढ़ाने की तैयारी में थी, लेकिन राजनीतिक टकराव के कारण एजेंडा प्रभावित हुआ।

क्यों है यह दिन महत्वपूर्ण?

यह सत्र सरकार के आखिरी साल की महत्वपूर्ण विधायी गतिविधियों में शामिल है।
SIR का मामला आने वाले चुनावों पर प्रभाव डाल सकता है—
इसी कारण विपक्ष इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रहा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button