ब्राजील में COP30 क्लाइमेट समिट में आग लगने से 13 घायल; भारत के मंत्री भूपेंद्र यादव सुरक्षित बाहर निकले

ब्रासीलिया
ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित UN COP30 क्लाइमेट समिट के मुख्य हॉल में गुरुवार को अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। इस हादसे में 13 लोग घायल हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और उनकी टीम सुरक्षित बाहर निकल गए।
कैसे लगी आग और क्या हुआ?
स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे (भारत में रात 10:30 बजे) समिट के एक पवेलियन में आग की लपटें उठीं।
पवेलियन में करीब 50,000 से ज्यादा प्रतिनिधि, पत्रकार, और पर्यावरण कार्यकर्ता मौजूद थे।
दमकल टीम ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और लगभग छह मिनट में आग पर काबू पा लिया।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, आग की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (संभावित माइक्रोवेव) से हो सकती है, लेकिन जांच अभी जारी है।

घटनास्थल पर अफरातफरी और व्यापक रेस्क्यू
आग लगते ही लोगों में हड़कम्प फैल गया। वीडियो और तस्वीरों में हजारों लोग इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं, जबकि धुएं की मोटी चादर कई किलोमीटर तक फैली थी।
फायर ब्रिगेड, पुलिस और एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल लोगों को सुरक्षित बाहर लाया।
बैठकों में देरी, समिट हो सकता है आगे बढ़े
आग लगने के कारण समिट के कई अहम सत्र रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं। आयोजकों ने संकेत दिया है कि सम्मेलन की समय-सारिणी शुक्रवार शाम से आगे बढ़ सकती है, क्योंकि हॉल की पूरी जांच के बाद ही प्रतिनिधियों को पुनः प्रवेश दिया जाएगा।
COP30 का महत्व – और यह क्यों है बड़ा इवेंट
COP30 समिट इस साल 10–22 नवंबर के बीच हो रहा है और इसमें 190+ देशों से लगभग 56,000 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
इस सम्मेलन का मकसद ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए नई रणनीतियाँ बनाना है, जिनमें शामिल हैं:
पारंपरिक ईंधन (कोयला, तेल, गैस) से धीरे-धीरे दूर जाना
गरीब देशों को जलवायु सुरक्षा के लिए वित्तीय सहायता देना
जंगलों और अमेज़न जैसे संवेदनशील इको-सिस्टम की रक्षा




