जांजगीर-चांपा

राज्य महिला आयोग की जांजगीर में 13वीं सुनवाई

डॉ. किरणमयी नायक बोलीं— “हमारे निर्णय पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं, हर केस का निष्पक्ष निराकरण सुनिश्चित

जांजगीर

कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में बुधवार को राज्य महिला आयोग द्वारा प्रकरणों की सुनवाई की गई। सुनवाई में मुख्य रूप से आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान जांजगीर में हुई हालिया सड़क दुर्घटना में दो जवानों की मौत पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि संविधान दिवस के अवसर पर आज की कार्यवाही की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर की गई। आज की सुनवाई आयोग की 352वीं राज्यस्तरीय सुनवाई है, जबकि जांजगीर में यह 13वीं सुनवाई है, जिसमें सक्ती जिले के प्रकरण भी शामिल किए गए।

“निर्णयों पर राजनीतिक दबाव का कोई असर नहीं” – डॉ. नायक

प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल—
क्या विभागीय निर्णयों पर राजनीतिक दबाव पड़ता है?
इस पर आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा
हमारे निर्णय पर किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं रहता है। न कोई दबाव डालने की कोशिश करता है, और न ही कोई अब तक दबाव डाल पाया है। सुनवाई में आए हर मामले का हम पूरी निष्पक्षता से निराकरण करते हैं।

“जिलावार रणनीति नहीं, पूरे प्रदेश में निरंतर सुनवाई”

जब पूछा गया कि —
क्या जांजगीर-सक्ती जिले के लिए कोई विशेष रणनीति तैयार है?
इस पर उन्होंने कहा—
हम जिलावार रणनीति नहीं बनाते। जांजगीर में हम 13वीं सुनवाई कर रहे हैं और सक्ती के भी केस यहां सुने जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में 352वीं सुनवाई चल रही है और हर जिले में हमारी नियमित सुनवाई हो रही है।

लंबित प्रकरणों पर बोले— “1200–1500 केस लंबित, लेकिन यह संख्या चिंताजनक नहीं”

लंबित मामलों पर तेजी लाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने जानकारी दी—

पदभार ग्रहण करते समय 582 मामले लंबित थे
वर्तमान में यह संख्या 1200 – 1500 के बीच है
हर माह 100–150 नए आवेदन आ रहे हैं
कई मामलों में पक्षकारों के समय पर उपस्थित न होने से देरी होती है

उन्होंने स्पष्ट किया—
हम किसी भी केस को जल्दबाजी में नकारते नहीं हैं। आवेदिका तीन बार लगातार नहीं आए तब ही मामले को नस्तीबद्ध किया जाता है।”

राज्य महिला आयोग की इस सुनवाई में कई मामलों पर निर्देश दिए गए और नई शिकायतों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. नायक ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्ट और निष्पक्ष रुख रखते हुए आयोग की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता को रेखांकित किया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button