राजीव भवन में कांग्रेस का 141वां स्थापना दिवस

भूपेश बघेल बोले- स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस थी भारत के जनमानस की आवाज
कांग्रेस का 141वां स्थापना दिवस रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा पार्टी ध्वज फहराने से हुई। इस अवसर पर सेवादल के जवानों ने सलामी दी। इसके बाद आजादी की लड़ाई से लेकर देश के नवनिर्माण तक कांग्रेस की भूमिका पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
संगोष्ठी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा और राजेंद्र तिवारी ने कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने दिया, जबकि आभार ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री सुबोध हरितवाल ने किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने 140 वर्षों का लंबा सफर तय किया है और आज भी देश का इकलौता ऐसा राजनीतिक दल है, जिसका कार्यकर्ता उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक हर गांव में मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर दौर की जरूरत के अनुसार अपनी प्राथमिकताएं तय कीं। आजादी से पहले स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद संविधान निर्माण, गणतंत्र की स्थापना और राष्ट्र निर्माण कांग्रेस की बड़ी उपलब्धियां हैं।
दीपक बैज ने कहा कि नेहरू युग में पंचशील और गुटनिरपेक्षता की नीति बनी, शास्त्री जी के समय ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया गया। इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हरित क्रांति, अंतरिक्ष और परमाणु कार्यक्रम को गति मिली। राजीव गांधी ने देश को आईटी और कंप्यूटर क्रांति से जोड़ा और युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने का काम किया। मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा का अधिकार और सूचना का अधिकार जैसे कानून बने, जिनसे आम आदमी का जीवन बदला।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस इसलिए सफल हुई क्योंकि उसने लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी। कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिनिधि रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस भारत के जनमानस की आवाज और आईना थी। पूरे देश ने कांग्रेस का साथ दिया, जबकि साम्प्रदायिक और अंग्रेजों के प्रति निष्ठा रखने वाले संगठन कांग्रेस के विरोध में खड़े थे।
भूपेश बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने वैचारिक मतभेदों का सम्मान किया और अहिंसक आंदोलन के जरिए दुनिया का सबसे बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया, जिसने भारत को आजादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।




