अर्थशास्त्र

फारस की खाड़ी में फंसे 22 भारतीय टैंकर, करोड़ों टन तेल-गैस की सप्लाई अटकी

नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट मंडरा रहा है, क्योंकि 22 भारतीय जहाज Persian Gulf में फंसे हुए हैं और Strait of Hormuz से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। इन जहाजों में करीब 16 लाख टन से ज्यादा क्रूड ऑयल, लाखों टन एलपीजी और एलएनजी लदा हुआ है।


शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा हालात में कुल 22 जहाज पश्चिमी पार में फंसे हुए हैं, जिनमें एलपीजी कैरियर्स, क्रूड ऑयल टैंकर, कंटेनर शिप और अन्य जहाज शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते Strait of Hormuz लगभग ठप हो गया है। यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। मौजूदा स्थिति में करीब 500 से ज्यादा टैंकर इस इलाके में फंसे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की सख्ती के चलते जहाजों को सत्यापन के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है, जिससे आवाजाही बेहद धीमी हो गई है। हाल के दिनों में सिर्फ कुछ ही जहाज सुरक्षित बाहर निकल पाए हैं।
इस स्थिति का सीधा असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है। इनमें से बड़ी मात्रा Strait of Hormuz के रास्ते ही आती है।
हालांकि भारत कुछ हद तक रूस, अमेरिका और अन्य देशों से सप्लाई मैनेज कर रहा है, लेकिन एलपीजी और गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

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