
लोकेशन – सूरजपुर छत्तीसगढ़
रिपोर्टर – सुरेन्द्र साहू
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर में बुधवार को सामूहिक जप, ध्यान, प्रज्ञा योग एवं गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। स्थानीय ग्राम स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ में आयोजित 24 कुण्डीय हवन यज्ञ में विभिन्न जाति, वर्ग, धर्म एवं पंथ के सैकड़ों दंपत्तियों व श्रद्धालुओं ने सपरिवार सहभागिता की। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारी विद्वानों की टोली ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधानपूर्वक यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ की प्रक्रिया में पवित्रीकरण, आचमन, देव आह्वान, स्वस्तिवाचन एवं गायत्री स्तवन पाठ शामिल रहे। गायत्री मंत्र की गूंज के बीच 24 कुंडों पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से आहुतियां अर्पित कीं।


यह आयोजन का तीसरा दिन था। प्रातःकाल से ही यज्ञ परिसर भक्तों से सराबोर रहा और संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।इस अवसर पर टोली के आचार्य डॉ. अशोक टोके ने अपने संबोधन में कहा कि यज्ञ के बिना सृष्टि की कल्पना असंभव है। उन्होंने नारी सम्मान पर बल देते हुए कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान होता है, वहीं मां लक्ष्मी का वास होता है। आचार्य ने गायत्री मंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह मंत्र दुर्बुद्धि को सदबुद्धि में परिवर्तित करता है और मानव बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करता है। समिति के मुख्या परमानन्द राजवाड़े एवं सुरेश गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सुसंस्कारित व्यक्ति, परिवार और समाज की रचना करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अंधविश्वास एवं रूढ़िवादी मान्यताओं से मुक्त होकर तर्क, तथ्य और प्रमाण पर आधारित जीवन दृष्टि प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज सहित राजेश्वर तिवारी, संजय गुप्ता, बिरेन्द्र जायसवाल, विजय साहू, देवेंद्र प्रजापति, परमानन्द यादव, अजय साहू, विशाल सिंह, भैया लाल साहू, श्यामदास, चैनसाय, दिलबोध दास, विनय राजपूत, देवेंद्र साहू एवं सुभाष कुमार साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




