
आज 23 जनवरी 2026 को देशभर में श्रद्धा, आस्था और राष्ट्रभक्ति के माहौल के बीच बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इसी दिन देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, जिसे पाराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, भी पूरे सम्मान और गर्व के साथ मनाई जा रही है।
बसंत पंचमी के अवसर पर देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती से आशीर्वाद लेने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और घरों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। पीले वस्त्र पहनने और पीले व्यंजनों का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा निभाई गई। कई स्थानों पर बच्चों की शिक्षा की शुरुआत यानी विद्यारंभ संस्कार भी संपन्न कराया गया।

वहीं, देशभर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां नेताजी के अदम्य साहस, त्याग और आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया। नेताजी के विचारों और उनके प्रसिद्ध नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” को दोहराते हुए युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित किया गया।

सरकारी स्तर पर भी पाराक्रम दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के योगदान को रेखांकित किया गया। इस दिन का उद्देश्य देशवासियों, विशेषकर युवाओं में राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करना है।
कुल मिलाकर आज का दिन ज्ञान, संस्कृति और देशप्रेम का प्रतीक बनकर सामने आया है, जहां एक ओर बसंत पंचमी ने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, वहीं दूसरी ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ने देश के लिए समर्पण और बलिदान की भावना को फिर से जीवंत कर दिया।




