जांजगीर में 21 अप्रैल को 501 पार्थिव शिवलिंग निर्माण और जलाभिषेक, विश्व शांति के लिए होगा भव्य आयोजन

लोकेशन :जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर :ब्यूरो रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा में 21 अप्रैल को विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। श्री राम भिक्षुक धर्म जागरण सेवा समिति के तत्वावधान में हाई स्कूल मैदान में 501 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजन किया जाएगा। इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


जांजगीर-चांपा में आस्था का एक भव्य संगम 21 अप्रैल को देखने को मिलेगा, जहां श्री राम भिक्षुक धर्म जागरण सेवा समिति द्वारा 501 पार्थिव शिवलिंग निर्माण और जलाभिषेक का आयोजन किया जा रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह आयोजन विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत पवित्र मिट्टी से 501 शिवलिंग बनाए जाएंगे, जिनका विधि-विधान से पूजन, जलाभिषेक और श्रृंगार किया जाएगा।



इस आयोजन में करीब 501 परिवार शामिल होंगे, जहां प्रत्येक परिवार से 2100 रुपये का सहयोग लिया जाएगा। इसमें पूजन सामग्री से लेकर भोजन प्रसाद तक की पूरी व्यवस्था समिति द्वारा की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु 50 ग्राम दूध अर्पित कर पूजा करेंगे। खास बात यह है कि इस आयोजन में महादेव को ही अतिथि स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना की जाएगी।
धार्मिक माहौल को और अधिक पवित्र बनाने के लिए ड्रोन के माध्यम से गुलाब जल का छिड़काव किया जाएगा। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत चार दमकल वाहनों की भी तैनाती की जाएगी।
समिति के अनुसार यह आयोजन पिछले तीन वर्षों से बिलासपुर में सफलतापूर्वक किया जा रहा है, और अब पहली बार जांजगीर-चांपा में इतने बड़े स्तर पर इसका आयोजन किया जा रहा है।


कार्यक्रम में सभी वर्ग और समुदाय के लोग शामिल हो सकते हैं, और पूजन के लिए पति-पत्नी होना भी अनिवार्य नहीं है।
आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष वितरित किया जाएगा और लगभग 5000 लोगों के लिए भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई है।
जांजगीर में होने जा रहा यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि विश्व शांति और सामाजिक एकता का संदेश भी देगा। अब देखना होगा कि इस भव्य आयोजन में कितनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।




