6 केस, दो बार कार्रवाई… अब जिला बदर! गौ-तस्करी में सक्रिय रमेश यादव पर पुलिस का कड़ा शिकंजा

लोकेशन – जांजगीर–चांपा
रिपोर्टर – दीपक यादव
जांजगीर–चांपा जिले में गौवंश तस्करी के मामलों में लगातार सक्रिय और आदतन बदमाश रमेश यादव (निवासी धरदेई) के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी की बढ़ती आपराधिक गतिविधियों, गैंग नेटवर्क और क्षेत्र में असुरक्षा के वातावरण को देखते हुए उसे जिला बदर करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
लगातार अपराध और पुलिस की निगरानी में कुख्यात बदमाश पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रमेश यादव के खिलाफ गौ-तस्करी,चोरी,मारपीट,जान से मारने की धमकी जैसे कुल 6 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।उसके विरुद्ध दो बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह आपराधिक गतिविधियों से बाज नहीं आया।

2017 से सक्रिय तस्करी नेटवर्क
रमेश यादव वर्ष 2017 से गौवंश तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जांजगीर–चांपा के अलावा वह सारंगढ़–बिलाईगढ़ क्षेत्र में भी नेटवर्क संचालित करता है।
पुलिस कार्रवाई के बाद भी अपराध कम न होने पर स्थानीय नागरिकों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस व सुरक्षा को खतरा
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि आरोपी की गतिविधियों से धार्मिक भावनाएं आहत होने,विधि–व्यवस्था बिगड़ने,क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाते हुए पुलिस ने आरोपी को जिले से बाहर करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई
जांजगीर–चांपा पुलिस ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत आरोपी के विरुद्ध जिला बदर का विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा है।
कलेक्टर द्वारा अनुमोदन के बाद आरोपी को निर्धारित अवधि तक जिले से बाहर रहने का आदेश जारी किया जा सकता है।




