
Reporter: दीपक वर्मा
Location: जशपुर
जशपुर जिले के गोड़अम्बा में हुई अनमोल बस दुर्घटना में 5 लोगों की मौत और 24 यात्रियों के घायल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर रविवार को रंजीता स्टेडियम जशपुर में जिले की सभी बसों की जांच के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। हालांकि इस जांच में केवल स्कूल बसें ही पहुंचीं, जबकि यात्री बस संचालक नदारद रहे, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।





अनमोल बस हादसे के बाद जिले में बसों की सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर रविवार 8 मार्च को रंजीता स्टेडियम जशपुर में जिले की सभी बसों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
प्रशासन ने बस मालिकों को अपनी बसों के साथ सभी जरूरी दस्तावेज लेकर सुबह 10 बजे तक स्टेडियम में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, ताकि बसों की फिटनेस, परमिट और अन्य कागजातों की जांच की जा सके।



लेकिन इस अभियान में केवल स्कूल बसें ही जांच के लिए पहुंचीं, जबकि एक भी यात्री बस वहां नहीं पहुंची। यात्री बस संचालकों की अनुपस्थिति को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और आगे सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
जिला परिवहन अधिकारी निकुंज ने बताया कि हादसे का शिकार हुई अनमोल बस के पास फिटनेस और परमिट तो था, लेकिन उसका इंश्योरेंस नहीं था। ऐसे में दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी स्वयं बस संचालक की होगी।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था और वैध दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी है। जांच से बचने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।




