संसद में राहुल गांधी के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, बोले– पाकिस्तान से ज्यादा चीन है भारत के लिए खतरा

नई दिल्ली
लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चीन से जुड़े एक विवादित मुद्दे को उठाने पर जब उन्हें बोलने से रोका गया, तो समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके समर्थन में खड़े हो गए।
राहुल गांधी एक मैगजीन में प्रकाशित रिपोर्ट का अंश पढ़ना चाहते थे, जिसमें भारत–चीन संघर्ष को लेकर पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे की एक अपब्लिश्ड किताब का जिक्र था। अध्यक्ष द्वारा आपत्ति जताए जाने पर राहुल को रोक दिया गया, जिसके बाद अखिलेश यादव ने हस्तक्षेप किया।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा,
“अध्यक्ष महोदय, चीन का सवाल बेहद संवेदनशील है। अगर कोई बात देश के हित में है, तो विपक्ष के नेता को उसे पढ़ने देना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा से मानती रही है कि भारत को पाकिस्तान से ज्यादा खतरा चीन से है। अखिलेश ने जॉर्ज फर्नांडिस और राम मनोहर लोहिया का हवाला देते हुए कहा कि चीन को लेकर लापरवाही पहले भी देश को भारी पड़ चुकी है। इसी दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया।
विवाद की जड़ क्या है?
दरअसल, राहुल गांधी जिस रिपोर्ट को पढ़ना चाहते थे, उसमें भारत–चीन सैन्य टकराव के दौरान लिए गए फैसलों का जिक्र था। राहुल ने सदन से बाहर आकर आरोप लगाया कि उस समय सरकार ने जिम्मेदारी लेने के बजाय निर्णय सैन्य अधिकारियों पर छोड़ दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।




