नैतिक शिक्षा से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव — ब्रह्माकुमार भगवान भाई

चांपा, 28 नवम्बर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चांपा में आयोजित विशेष नैतिक शिक्षा कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, माउंट आबू से आए ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि भौतिक शिक्षा मनुष्य को केवल भौतिकता की ओर ले जाती है, जबकि नैतिक शिक्षा ही चरित्र निर्माण कर बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बढ़ती अनुशासनहीनता, अपराध, नशा-व्यसन और आपसी मनमुटाव की जड़ नैतिक मूल्यों की कमी है, इसलिए शिक्षा के साथ परोपकार, सेवाभाव, पवित्रता, ईमानदारी, धैर्य, नम्रता और सत्यता जैसे सद्गुणों का आत्मसात करना आवश्यक है।
भगवान भाई ने शिक्षा को बीज और जीवन को वृक्ष बताते हुए कहा कि जब तक जीवन रूपी वृक्ष में गुणों के फल नहीं आते, तब तक शिक्षा अधूरी रहती है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अश्विनी कुमार कश्यप ने कहा कि नैतिकता के बिना जीवन अंधकारमय हो जाता है और समाज कुरीतियों व व्यसनों की ओर बढ़ता है।
वहीं स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र की प्रभारी बी.के. रचना बहन ने आध्यात्मिकता को नैतिकता की आधारशिला बताते हुए राजयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में बीके भगवान भाई ने विद्यार्थियों को मन की एकाग्रता बढ़ाने के लिए राजयोग मेडिटेशन भी कराया। कार्यक्रम में बीके पंकज भाई, मनहरण भाई, शंकर भाई सहित विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




