एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप, उठे सवाल

लोकेशन :- सूरजपुर, छत्तीसगढ़
रिपोर्टर :- सुरेन्द्र साहू
एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में एक बार फिर महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव का गंभीर आरोप सामने आया है। वर्षों से एसईसीएल में कार्यरत कई महिला कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न तो मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं और न ही विभागीय गतिविधियों में समान अवसर दिया जा रहा है, जबकि कुछ चुनिंदा महिला कर्मचारियों पर अधिकारी मेहरबान नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एसईसीएल में डॉ. सरिता लाल की अध्यक्षता में ‘वीफस’ नाम से एक महिला समूह बनाया गया है, जिसे महिला सशक्तिकरण के नाम पर प्रस्तुत किया जा रहा है। आरोप है कि इस समूह के माध्यम से कुछ खास महिला कर्मचारियों को बार-बार एसईसीएल के खर्चे पर आउट ऑफ स्टेशन टूर पर भेजा जा रहा है। कभी महिला दिवस के नाम पर, कभी बिलासपुर और अब अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुंबई में मनाने के नाम पर चुनिंदा महिला कर्मचारियों को ही यात्राओं का लाभ दिया गया।

वहीं दूसरी ओर एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में कार्यरत कई अन्य महिला कर्मचारी आज भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। कुछ महिला कर्मचारी रिटायरमेंट की कगार पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन उन्हें आज तक न तो खदानों का भ्रमण कराया गया और न ही विभागीय कार्यक्रमों में शामिल किया गया।
महिला कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि पुरस्कार और सम्मान के नाम पर भी केवल अपने खास लोगों को ही लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर कई महिला कर्मचारियों में गहरा रोष है। उन्होंने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस न्यूज़ से बातचीत में कहा कि डॉ. सरिता लाल द्वारा कुछ गिने-चुने महिला कर्मचारियों के साथ मिलकर एसईसीएल के खर्चे पर मनमानी की जा रही है।
नाराज महिला कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी महिला कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया तो वे एकजुट होकर महाप्रबंधक बिश्रामपुर से मुलाकात करेंगी और अपनी बात रखेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनिंदा समूहों को ही लाभ देना है, तो वे भी अलग-अलग समूह बनाकर समान अधिकार और सुविधाओं की मांग करेंगी।
फिलहाल यह मामला एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब देखना होगा कि प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है।




