ठंड बढ़ते ही एलर्जी के मामले दोगुने, अस्पतालों में मरीजों की भीड़—डॉक्टर्स ने बताए जरूरी एहतियात

देशभर में गिरते तापमान के साथ एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों और क्लीनिकों में अचानक त्वचा, सांस और सीजनल एलर्जी से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में वातावरण में मौजूद धूलकण, परागकण, फंगस और प्रदूषण के कण मिलकर एलर्जी को और ज्यादा सक्रिय कर देते हैं, जिससे लोग गंभीर दिक्कतों का सामना करने लगते हैं।
सांस और त्वचा की एलर्जी में तेजी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में
छींक आना
नाक बहना
सांस लेने में तकलीफ
आंखों में खुजली
स्किन रैशेज
जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगभग 40–50% तक बढ़ गई है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड में लोग घरों को बंद रखते हैं, जिससे धूल, डस्ट-माइट्स और नमी के कारण फंगस तेजी से फैलता है और एलर्जी के केस बढ़ जाते हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी—अस्थमा मरीज विशेष सावधानी रखें
एलर्जी विशेषज्ञों का कहना है कि एलर्जी सर्दियों में अस्थमा को ट्रिगर कर सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, अस्थमा या सांस से जुड़े पुराने मरीजों को रात में ठंडी हवा से बचना चाहिए क्योंकि इससे सांस फूलने और खांसी के अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
प्रदूषण से भी बढ़ रहा है खतरा
हाल के दिनों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने भी एलर्जी को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। PM2.5 और PM10 जैसे कण नाक और फेफड़ों में जलन पैदा करते हैं, जिससे एलर्जिक राइनाइटिस और ब्रॉन्कियल एलर्जी के केस बढ़ रहे हैं।
कैसे करें बचाव? विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एलर्जी से बचने के लिए ये कदम जरूरी बताए—
घर को साफ और धूल रहित रखें
कमरे में नमी कम रखें, जरूरत हो तो डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करें
गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें
यदि पहले से एलर्जी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां साथ रखें
प्रदूषण ज्यादा हो तो मास्क पहनकर ही बाहर जाएं
कब डॉक्टर के पास जाएं?
अगर आपको लगातार
सांस लेने में दिक्कत
आंख और त्वचा पर सूजन
तेज खुजली
लगातार खांसी
या बार-बार छींक
की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सर्दी का मौसम एलर्जी के मरीजों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी बरतकर और सही इलाज लेकर एलर्जी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।




