एंबुलेंस बनी चोरी का हथियार: जांजगीर-चांपा पुलिस ने अंतरजिला ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

लोकेशन – जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां पुलिस ने बिजली विभाग के ट्रांसफार्मरों से कॉपर और एल्युमिनियम तार चोरी करने वाले एक शातिर और संगठित अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पुलिस और आम लोगों को गुमराह करने के लिए नकली एंबुलेंस का इस्तेमाल कर चोरी का माल एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाते थे।
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले ट्रांसफार्मर और बिजली के केबल की रेकी करते, मोबाइल से फोटो लेते और फिर सुनसान इलाके में वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए बोलेरो वाहन को पूरी तरह एंबुलेंस का रूप दे रखा था, ताकि किसी को शक न हो और चोरी का कॉपर-एल्युमिनियम आसानी से ढोया जा सके।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 लाख 30 हजार रुपये से अधिक का मशरूका बरामद किया है।
जिसमें भारी मात्रा में चोरी का कॉपर, एल्युमिनियम, ट्रांसफार्मर के पुर्जे,
एक छोटा हाथी वाहन,
वारदात में प्रयुक्त नकली बोलेरो एंबुलेंस,
चार मोबाइल फोन
और कटर मशीन, ब्लेड सहित अन्य औजार शामिल हैं।
गिरफ्तार सभी आरोपी बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र के निवासी हैं।
मुख्य आरोपी अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी, जो कबाड़ी का काम करता था, गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने शिवरीनारायण, मुलमुला, अकलतरा के साथ-साथ बलौदाबाजार और बिलासपुर जिलों में भी 10 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।

आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संगठित नेटवर्क को देखते हुए पुलिस ने नए कानून BNS की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी है, जो इस मामले को और गंभीर बनाती है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में किया गया।
वहीं, शिवरीनारायण थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव और उनकी टीम की इस बड़ी सफलता में अहम भूमिका रही।
साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी को पकड़ा और फिर पूरे गिरोह तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
बहरहाल, एंबुलेंस जैसे पवित्र और जीवनरक्षक वाहन का अपराध में इस्तेमाल करना न केवल कानून, बल्कि समाज के भरोसे के साथ भी बड़ा धोखा है।
जांजगीर-चांपा पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं।




