अमित शाह का अहमदाबाद में संबोधन: “प्रमुख स्वामी महाराज ने सनातन धर्म की खोती श्रद्धा को पुनर्जीवित किया”—BAPS के ‘प्रमुख वर्णी अमृत महोत्सव’ में बोले

अहमदाबाद। अहमदाबाद के साबरमती तट पर आयोजित BAPS स्वामीनारायण संस्था के ‘प्रमुख वर्णी अमृत महोत्सव’ में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रमुख स्वामी महाराज के जीवन, दर्शन और समाज के लिए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रमुख स्वामी महाराज को दी श्रद्धांजलि, कहा—“उनके जीवन का पूर्ण वर्णन असंभव”
अमित शाह ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज का संन्यास, सेवा और करुणा का जीवन इतना विराट है कि उसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि BAPS ने प्रमुख स्वामी महाराज के जीवन को साबरमती के तट पर जिस सुंदरता से प्रदर्शित किया है, वह लोगों को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

“अध्यात्म, वैष्णव दर्शन और ‘नर में नारायण’—प्रमुख स्वामी ने सबको व्यवहार में उतारा”
शाह के अनुसार, प्रमुख स्वामी महाराज ने मात्र उपदेश नहीं, बल्कि अपने आचरण से भक्ति और सेवा को जोड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने—
अध्यात्म और वैष्णव दर्शन को व्यापक रूप दिया
हर जीव के प्रति करुणा की भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित किया
विभिन्न संप्रदायों के संतों में एकता और समन्वय का वातावरण तैयार किया
“स्वतंत्र भारत में सबसे बड़ा संकट—संतों के प्रति कम होती श्रद्धा, उसे पुनर्जीवित किया”
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद समाज में संतों और संन्यासी जीवन के प्रति आदर कम हो रहा था।
“यह प्रमुख स्वामी महाराज और BAPS संस्था की ही देन है कि संत परंपरा पर लोगों का विश्वास फिर से मजबूत हुआ,” उन्होंने कहा।
साबरमती तट को बताया संत-समर्पण की ऐतिहासिक भूमि
शाह ने साबरमती तट को भारतीय इतिहास में त्याग और समर्पण का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा—
ऋषि दधीचि का अस्थि दान
महात्मा गांधी का सत्याग्रह
और अब प्रमुख स्वामी महाराज की प्रेरक जीवन-गाथा
साबरमती तट को विश्व स्तर पर एक पवित्र तीर्थस्थल बनाते हैं।
“आंबली वाली पोल विश्व का नया तीर्थ बनेगी”
अमित शाह ने कहा कि जहाँ 1950 में प्रमुख स्वामी महाराज ने BAPS के प्रमुख पद की सेवा स्वीकार की थी, वह स्थान आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थस्थल बन जाएगा।
“संतों का जीवन ही समाज के लिए पाठशाला”
गृह मंत्री ने कहा कि स्वामीनारायण संप्रदाय के कार्यक्रम—
शिक्षा,
कुरीतियों के उन्मूलन
और धार्मिक जागरूकता
को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘प्रमुख वर्णी अमृत महोत्सव’ आने वाली पीढ़ियों को यह बताएगा कि संत का जीवन कैसा होना चाहिए।



