माओवाद पर अमित शाह का बड़ा बयान: बोले– आदिवासियों के हाथ में बंदूक थमाकर उनका भविष्य बर्बाद किया गया

रायपुर | 9 फरवरी 2026
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने माओवाद और नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर बोलते हुए शाह ने कहा कि माओवाद किसी एक राज्य की समस्या नहीं थी, बल्कि यह एक खतरनाक विचारधारा है, जिसने आदिवासी युवाओं और बच्चों के हाथों में बंदूक थमा कर उनका भविष्य बर्बाद किया।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद को सिर्फ कानून-व्यवस्था या विकास की कमी से जोड़कर देखना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह केवल विकास की समस्या होती, तो इसे माओवादी विचारधारा क्यों कहा जाता। यह संविधान के खिलाफ सोच है, जो हिंसा को बढ़ावा देती है। शाह ने कहा कि माओवाद के फैलने से पहले बस्तर के सामाजिक और आर्थिक आंकड़े कई राज्यों से बेहतर थे।
गृहमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके 15 साल के शासन में छत्तीसगढ़ को ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों और केंद्र में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2000 की तुलना में 2025 तक छत्तीसगढ़ का बजट लगभग 30 गुना बढ़ा है और राज्य के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSDP) में भी 25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राज्य के शुरुआती वर्षों में उनके शासन के दौरान अत्याचार, दंगे और आंदोलन ही देखने को मिले, जबकि नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया गया।
यह बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर नक्सलवाद और विकास को लेकर बहस को तेज करने वाला माना जा रहा है।




