
रिपोर्टर – ब्यूरो रिपोर्ट/लोकेशन-धमतरी
छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का सब्र अब जवाब देने लगा है।
अपनी लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ जुझारु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है।


इसी कड़ी में 26 और 27 फरवरी को धमतरी के गांधी मैदान में दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।
धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया।
राज्य सरकार पर तंज कसते हुए प्रदर्शनकारियों ने “19 करोड़ के धान को खाकर मुसवा बदनाम होगे” जैसे व्यंग्यात्मक गीत गाकर अपनी नाराज़गी जाहिर की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए,
जब तक यह निर्णय नहीं होता, तब तक न्यूनतम वेतन दिया जाए।
साथ ही मध्यप्रदेश की तर्ज पर सभी सुविधाएं तत्काल लागू की जाएं।
इसके अलावा कार्यकर्ता सहायिकाएं मांग कर रही हैं कि—
प्रतिवर्ष 1000 रुपये मानदेय वृद्धि का लिखित एग्रीमेंट किया जाए
सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन की व्यवस्था हो
बीमा, सेवानिवृत्ति लाभ और मृत्यु पर एकमुश्त ग्रेच्युटी दी जाए
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रही हैं,
लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ऐसे में मजबूर होकर उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया,
तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।




