GGU में पहली बार स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति, ABVP बोली—16 साल पुराने संघर्ष की जीत

बिलासपुर
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में प्रशासनिक इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। विश्वविद्यालय ने पहली बार स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति की है। वनस्पति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. अश्वनी दीक्षित को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह कदम विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने वाला और लंबे समय से चले आ रहे अस्थायी व्यवस्था के अंत को दर्शाता है।अब तक प्रभारी व्यवस्था से चलता था पूरा प्रशासन
स्थापना वर्ष 2009 से अब तक विश्वविद्यालय में कुलसचिव का पद अस्थायी या प्रभारी व्यवस्था पर ही चल रहा था।इससे कई प्रशासनिक फैसलों में देरी होती थी और कार्यप्रणाली बार-बार प्रभावित होती थी।
स्थायी नियुक्ति किए जाने की मांग लगातार उठती रही, लेकिन इसे लागू होने में 16 वर्ष लग गए।

ABVP ने जताया स्वागत, कहा—संघर्ष का परिणाम
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) लंबे समय से विश्वविद्यालय में स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति की मांग कर रही थी।
नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ABVP GGU इकाई मंत्री प्रसून पाठक ने कहा—
“यह हमारे संघर्ष का परिणाम है। 2009 में स्थापित विश्वविद्यालय को आज जाकर पहला स्थायी कुलसचिव मिला है, यह पूरे विद्यार्थियों और शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।”
GGU के लिए क्यों है यह नियुक्ति महत्वपूर्ण?
निर्णय प्रक्रिया होगी अधिक तेज
प्रशासनिक प्रणाली होगी पारदर्शी
विभागीय कार्यों में कम होगी देरी
विश्वविद्यालय की छवि और दक्षता में आएगा सुधार
प्रो. अश्वनी दीक्षित की नियुक्ति से विश्वविद्यालय प्रशासन को स्थिरता मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में GGU में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।




