आशीष तिवारी मॉडल ठेका लो, कमीशन खाओ, काम छोड़ो

राज्य: छत्तीसगढ़
जिला: बालोद
जिला ब्यूरो: के पी चंद्राकर
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अगर भ्रष्ट ठेकेदारी का कोई चेहरा है, तो वह है आशीष तिवारी। गुरूर ब्लॉक के ग्राम पड़कीभाट में डोंगाघाट एनिकट इस मॉडल का ताजा उदाहरण है, जहां करोड़ों का बजट और ज़ीरो जवाबदेही साथ साथ चल रही है।2.23 करोड़ रुपये की लागत वाला यह एनिकट कागजों में तो भव्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत डरावनी है। घटिया सीमेंट, कमजोर स्ट्रक्चर और तकनीकी मानकों की धज्जियां उड़ती साफ दिखती हैं। सवाल यह नहीं कि गड़बड़ी है या नहीं, सवाल यह है कि प्रशासन आंख बंद क्यों किए बैठा है।आशीष तिवारी का ट्रैक रिकॉर्ड बालोद तक सीमित नहीं रहा।


पूरा छत्तीसगढ़ तक विवाद और शिकायतें उनकी पहचान बन चुकी हैं। फिर भी उन्हें लगातार सरकारी ठेके कैसे मिल रहे हैं क्या यह सिर्फ संयोग है या किसी “क्रॉस सेटिंग” का नतीजा ग्राम पंचायत का सरपंच इस पूरे खेल में मूकदर्शक बना हुआ है। अगर प्रतिनिधि ही बिक जाए, तो जनता किससे उम्मीद करे यह एनिकट किसानों के लिए पानी लाने वाला था, लेकिन अब भ्रष्टाचार की नाली बन गया है।जनता को अब तय करना होगा या तो सवाल पूछे, या फिर अगली बारिश में बहते पैसों को देखे।




