
लोकेशन… बलरामपुर
संवाददाता… दयाशंकर यादव
रामानुजगंज वाड्राफनगर मुख्य मार्ग की बदहाल हालत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों के कारण न सिर्फ आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। इन हालातों को देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने पैच रिपेयरिंग का काम शुरू कराया। दावा था कि ज्यादा खराब हिस्सों की मरम्मत कर लोगों को राहत दी जाएगी। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।गड्ढों को छोड़ दिया गया, जबकि मामूली खराब हिस्सों में ही पैच रिपेयरिंग कर औपचारिकता निभा दी गई।


करोड़ों रुपये की इस मरम्मत में गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण बताया कि पैच रिपेयरिंग के महज 15 दिन के भीतर ही कई जगह सड़क उखड़ने लगी है। कहीं रिपेयर किया गया लेकिन उखड़ कर मटेरियल सड़क किनारे कचरे के ढेर की तरह जमा है। हैरानी की बात यह है कि कई गांवों में एक इंच भी मरम्मत नहीं की गई, काम के दौरान विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।वही सिंदूर पुल पर ऊपर की हिसा खोदकर प्लास्टर तो कर दिया गया, लेकिन गिट्टी-बालू, और कचरा सड़क पर ही छोड़ दिया गया है। पुल आधी सड़क पर डस्ट जमा होने से रोज दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।विभाग का कहना है कि सिर्फ ज्यादा खराब हिस्सों में ही पैच रिपेयरिंग की जा रही है, लेकिन सड़क पर मौजूद गड्ढे और लगातार हो रही दुर्घटनाएं इस दावे की पोल खोल रही हैं। सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मरम्मत भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।








