बांग्लादेश आम चुनाव 2026: 12 करोड़ वोटर्स कर रहे मतदान, BNP और जमात-ए-इस्लामी में सीधा मुकाबला

Dhaka Election Live Update: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए आज मतदान जारी है। देशभर में कुल 12.77 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस बार 51 राजनीतिक दल मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच माना जा रहा है।
युवाओं की बड़ी भागीदारी इस चुनाव को बेहद अहम बना रही है। लगभग आधे मतदाता 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि करीब 45 लाख से अधिक मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं।
299 सीटों पर मतदान, एक सीट पर रद्द
बांग्लादेश संसद की 300 सीटों में से आज 299 सीटों पर मतदान हो रहा है। शेरपुर-3 सीट पर एक प्रत्याशी की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया है। चुनाव ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली के तहत हो रहा है।
BNP सबसे बड़ी दावेदार, तारिक रहमान पर नजर
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP को इस चुनाव में सत्ता की प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बताया जा रहा है।
वोट डालने के बाद रहमान ने कहा कि “देश के लोग लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आज जनता को अपने अधिकार वापस मिले हैं।” उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो कानून-व्यवस्था में सुधार प्राथमिकता होगी।


तारिक रहमान इस बार ढाका-17 और बोगरा-6 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
मोहम्मद यूनुस बोले- ‘आजादी जैसा दिन, नए बांग्लादेश की शुरुआत’
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने वोट डालने के बाद कहा कि यह पूरे देश के लिए खुशी और आजादी जैसा दिन है।
उन्होंने कहा,
“आज हमारे बुरे दौर का अंत और एक नए सपने की शुरुआत है। सभी लोग मतदान करें और मिलकर नया बांग्लादेश बनाएं।”
यूनुस ने इसे लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
महिला और युवा वोटर्स की लंबी कतारें
सिलहट और ढाका सहित कई क्षेत्रों में सुबह से ही महिला मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। कई महिलाओं ने बताया कि वे सुबह जल्दी मतदान कर घरेलू कार्यों में भी समय दे पा रही हैं।
युवाओं की सक्रियता भी इस बार चुनाव का बड़ा कारक मानी जा रही है।
शेख हसीना के गढ़ में कम मतदान
गोपालगंज, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहां मतदान केंद्रों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई।
इस बार अवामी लीग पर प्रतिबंध होने के कारण पार्टी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकी है, जिससे मतदाताओं में उत्साह कम नजर आ रहा है। गोपालगंज-1, 2 और 3 सीटों पर लगभग 10 लाख मतदाता हैं।
निष्पक्षता पर उठे सवाल
ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार तसनीम जरा ने आरोप लगाया कि उनके मतदान एजेंटों को विभिन्न बहानों से केंद्रों के बाहर रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने अब तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जमात का दावा- चुनाव के बाद बदला हुआ बांग्लादेश दिखेगा
जमात-ए-इस्लामी के महासचिव मिया गुलाम पोरवार ने मतदान के बाद कहा कि चुनाव के बाद देश में सकारात्मक बदलाव दिखेगा। उन्होंने दावा किया कि इस बार माहौल शांतिपूर्ण है और मतदाता उत्साह से मतदान कर रहे हैं।




