बारनवापारा अभ्यारण्य बनेगा देशwide बर्ड सर्वे का केंद्र — रिकॉर्ड आवेदन

स्थान: बारनवापारा, जिला महासमुंद/बलौदा बाजार | कार्यक्रम: जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में इस बार एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के पक्षी सर्वे—‘सिटिजन साइंस बर्ड सर्वे 2026’ का आयोजन होने जा रहा है। यह सर्वे वन विभाग और पक्षी विशेषज्ञों की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य की जैव-विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत वैज्ञानिक डेटा के साथ जोड़ना है।
कार्यक्रम के लिए देशभर से अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।
अब तक 12 राज्यों से 135 से अधिक प्रतिभागियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें पक्षी विज्ञानी, शोधकर्ता, छात्र और अनुभवी बर्ड-वॉचर्स शामिल हैं। यह संख्या सर्वे के प्रति बढ़ते जागरूकता और अभ्यारण्य की समृद्ध जैव-विविधता का संकेत है।
सर्वे का उद्देश्य
बारनवापारा क्षेत्र में पक्षियों की प्रजातियों की पहचान
मौसमी प्रवास और पक्षियों की गतिविधियों की निगरानी
जैव-विविधता संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी
नागरिकों से प्राप्त वास्तविक डेटा के आधार पर वन विभाग की वैज्ञानिक योजना



क्यों महत्वपूर्ण है बारनवापारा?
बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ के प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ
लगभग 150+ पक्षी प्रजातियाँ,
कई दुर्लभ और प्रवासी प्रजातियाँ,
तथा घने जंगल, जलस्रोत और समृद्ध हरियाली मौजूद है।
यहां इस स्तर का राष्ट्रीय सर्वे पहली बार होने जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ की वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन क्षमता को नई पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
जनवरी 2026 में तीन दिवसीय सर्वे
विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र
टीमों में सर्वे कार्य
अंतिम दिन रिपोर्ट और डेटा संकलन
वन विभाग का कहना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख बर्ड-स्टडी हब के रूप में स्थापित कर सकती है।



