अर्थशास्त्र

बजट के बाद बैटरी सस्ती, क्या सस्ते होंगे स्मार्टफोन?

1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लिथियम-आयन सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की मैन्युफैक्चरिंग में उपयोग होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट बढ़ाने की घोषणा की। इसका सीधा असर स्मार्टफोन बैटरी की लागत पर पड़ सकता है।
क्या बदला है बजट में?
लिथियम-आयन सेल निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनरी/कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी छूट बढ़ाई गई।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को भी प्रोत्साहन मिला।
घरेलू स्तर पर बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने का प्रयास।
इससे देश में ही बैटरी मैन्युफैक्चरिंग सस्ती हो सकेगी, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी।
स्मार्टफोन पर क्या होगा असर?
स्मार्टफोन की कुल लागत में बैटरी एक अहम हिस्सा होती है।
अगर बैटरी की लागत घटती है तो:
स्मार्टफोन निर्माण लागत कम होगी
कंपनियां कीमतों में कटौती कर सकती हैं
नए मॉडल अपेक्षाकृत सस्ते लॉन्च हो सकते हैं
आईफोन और एंड्रॉयड दोनों श्रेणी के फोन प्रभावित होंगे
हालांकि, कीमतों में कितनी गिरावट होगी यह कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगा, जैसे डॉलर विनिमय दर, चिपसेट लागत और ब्रांड की प्राइसिंग रणनीति।
BESS का दीर्घकालिक प्रभाव
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को बढ़ावा मिलने से देश में बैटरी उत्पादन का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो सकता है। इससे भविष्य में स्मार्टफोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए बैटरी की उपलब्धता बेहतर होगी और लागत नियंत्रण में रह सकती है।
क्या सच में सस्ते होंगे स्मार्टफोन?
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में सीमित स्तर पर कीमतों में नरमी देखी जा सकती है। हालांकि, तुरंत बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
कुल मिलाकर, बजट प्रावधानों से संकेत मिलता है कि घरेलू बैटरी उत्पादन बढ़ेगा और इसका सकारात्मक असर धीरे-धीरे स्मार्टफोन की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
यदि चाहें तो इसे हेडलाइन, स्लग और वीडियो स्क्रिप्ट फॉर्मेट में भी तैयार किया जा सकता है।

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