
लाला उपाध्याय
सक्ती, छत्तीसगढ़
सक्ती से बड़ी खबर है, जहां भातमाहुल की शासकीय उचित मूल्य दुकान में गरीबों के राशन के साथ खुला खेल सामने आया है।
सरकारी राशन दुकान के संचालनकर्ता विजय चंद्रा और जय ठाकुर देव खाद्य सुरक्षा पोषण सेवा सरकारी समिति को निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, हितग्राहियों ने कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत की थी कि उन्हें समय पर चावल नहीं दिया जा रहा और दुकान के स्टॉक में लगातार कमी है।
इसी दौरान राशन दुकान के चावल को ट्रैक्टर में लोड कर बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जांच में सामने आया कि पहले चरण में ही 59 क्विंटल चावल स्टॉक में कम पाया गया, जिस पर संचालक समूह को निलंबित किया गया।



लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।निलंबन के बाद जब सरपंच को दुकान का प्रभार सौंपने से पहले भौतिक सत्यापन कराया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ
पिछले दो महीनों में 83 क्विंटल चावल और 2 क्विंटल शक्कर गायब पाई गई।
जांच में साफ हो गया कि बचत खाद्यान्न स्टॉक में भारी अनियमितता की गई है।
इसके बाद संचालक समूह को निलंबित कर दुकान के संचालन की जिम्मेदारी सरपंच को सौंपी गई है।
इस पूरी कार्रवाई को सक्ती एसडीएम अरुण कुमार सोम के निर्देश पर अंजाम दिया गया।
अब बड़ा सवाल यही है—
गरीबों का राशन आखिर गया कहां?
और इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारों पर आगे क्या सख्त कार्रवाई होगी?






