भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पर दिया विवादित बयान, व्यक्तिगत टिप्पणी कर किया सीधा हमला

बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में बस्ती हटाकर गार्डन निर्माण के विरोध में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। आंदोलन के 37वें दिन मौके पर पहुंचे बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि बस्ती उजाड़कर बनाए जा रहे गार्डन में क्या मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ घूमने आएंगे। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर तंज कसते हुए उनके कामकाज पर सवाल उठाए और कहा कि दो साल में महज 950 मीटर सड़क बन पाई है। वहीं विधायक अमर अग्रवाल को लेकर बघेल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्री नहीं बनने के बाद वे “संतरी” बनकर रह गए हैं।
बघेल ने आंदोलनकारियों से डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि लोगों के घर तोड़कर विकास करना गलत है। उन्होंने प्रदर्शन का तरीका बदलने की सलाह देते हुए कलेक्टर, निगम आयुक्त, एसपी और थानेदार के आवागमन वाले रास्तों पर धरना देने की बात कही।
इस बयान पर सत्तापक्ष की ओर से कड़ा पलटवार हुआ। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों को संरक्षण देने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि को लेकर आंदोलन हो रहा है, वहां कांग्रेस पार्षद का व्यवसायिक संचालन चल रहा है। विधायक शुक्ला ने आंदोलन के स्वरूप पर भी सवाल उठाते हुए इसे भीड़ जुटाने का प्रयास बताया।
लिंगियाडीह मुद्दे पर अब राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में विवाद और गहराने के आसार हैं।




