
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना भूमि घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे सरकारी अधिकारी निर्भय साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए की गई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आया था।
जांच में यह पाया गया कि कुछ अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत से जमीनों की कीमतों में हेराफेरी की गई।
कई जगहों पर वास्तविक कीमत से अधिक मुआवजा दिखाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
फर्जी दस्तावेजों और गलत रजिस्ट्रियों के जरिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
इसी मामले में आरोपी बनाए गए सरकारी अधिकारी निर्भय साहू लंबे समय से फरार चल रहे थे।
पुलिस और आर्थिक अपराध अन्वेषण एजेंसियां उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं।
आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं।
उम्मीद है कि इस पूछताछ से घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों, बिचौलियों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में कुल कितनी राशि का गबन हुआ है।
सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




