1.08 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का बड़ा भंडाफोड़

रायगढ़ पुलिस ने श्रीनगर से पकड़ा अंतरराज्यीय साइबर गैंग, देशभर में 200 से अधिक फ्रॉड का काला नेटवर्क उजागर
रायगढ़
पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1 करोड़ 8 लाख रुपए की हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी का बड़ा खुलासा किया है। पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। ठगों ने YouTube पर आकर्षक विज्ञापनों और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उद्योग से जुड़े एक व्यक्ति को भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए हड़प लिए थे।
ऐसे दिया था ठगी को अंजाम
पीड़ित को YouTube पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन दिखा। विज्ञापन में “उच्च रिटर्न, कम रिस्क” का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित की चैटिंग एक “ट्रेडिंग एनालिस्ट” से कराई गई, जिसने उसे कम समय में मोटा मुनाफा होने का लालच दिया।
धीरे-धीरे पीड़ित से कई बार ट्रांजेक्शन करवाए गए और कुल ₹1,08,00,000 जमा करा लिए गए। बाद में न तो मुनाफा आया और न ही मूल राशि वापस मिली।

तकनीकी जांच ने खोला रास्ता
रायगढ़ साइबर सेल ने IP लॉग, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए आरोपियों का लोकेशन जम्मू–कश्मीर के श्रीनगर में ट्रेस किया।
इसके बाद एक विशेष टीम को श्रीनगर भेजा गया, जहां दबिश देकर चार आरोपियों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपी
- यासीर शॉफी चारलू
- मेहराजुद्दीन असाई
- अर्शलन अफॉक
- साकीब फारूखदार
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाता है और देशभर में 200 से ज्यादा लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुका है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
धारा 318(4) BNS — संगठित ठगी
धारा 111 BNS — आपराधिक साजिश
धारा 3(5) BNS — संगठित अपराध
आईटी एक्ट 66(D) — ऑनलाइन धोखाधड़ी
रकम की रिकवरी जारी, और भी गिरफ्तारियाँ संभव
पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम की रिकवरी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
जांच में नए खातों, फर्जी मोबाइल नंबरों और संभावित साथियों के नाम सामने आने की संभावना है।
एसपी ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है… आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


