बीजापुर में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने 14 IED निष्क्रिय कर टाला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। वन क्षेत्र में लगाए गए 14 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। यदि ये विस्फोटक समय पर बरामद नहीं किए जाते, तो सुरक्षा बलों या ग्रामीणों को भारी नुकसान हो सकता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ताडपाला हिल्स इलाके में चलाया गया। इस संयुक्त ऑपरेशन में Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) की 196वीं बटालियन और Commando Battalion for Resolute Action (कोबरा) की 204वीं बटालियन के जवान शामिल थे।
जमीन के नीचे बिछाए गए थे विस्फोटक
अधिकारियों ने बताया कि गश्ती दल को 13 आईईडी बीयर की बोतलों के भीतर प्रेशर स्विच सिस्टम के साथ छिपे मिले, जबकि एक आईईडी लोहे के पाइप से तैयार किया गया था। सभी विस्फोटक जमीन के नीचे सावधानीपूर्वक दबाकर लगाए गए थे। बम निरोधक दस्ते ने मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मौके पर ही सभी आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया।

दो हथियार भंडारों का भी खुलासा
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर जमीन के नीचे बनाए गए दो हथियार भंडारों का भी पता लगाया। इन भंडारों में प्लास्टिक और स्टील के ड्रमों के भीतर विस्फोटक सामग्री तथा अन्य सामान छिपाकर रखा गया था।
बरामद सामग्री में 13 डेटोनेटर, 11 किलोग्राम बारूद, चार प्लास्टिक ड्रम, दो स्टील ड्रम, दो लोहे के ड्रम, नक्सली वर्दी, जूते, टोपी, रस्सियां, सौर पैनल और माओवादी साहित्य शामिल है।
माओवादी स्मारक ध्वस्त
कार्रवाई के दौरान टेकमेटला कुंजमपारा क्षेत्र में बनाए गए एक माओवादी स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा, मोदकपाल थाना क्षेत्र के पांगुर गांव में अलग अभियान के तहत छह अन्य माओवादी स्मारकों को भी गिराया गया।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इलाके में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की साजिश को सख्ती से नाकाम किया जाएगा।



