इंडिगो में बड़ा संकट: उड़ानें रद्द होने के बाद शेयर बुरी तरह टूटे, 7 दिन में 15% से ज्यादा गिरावट—ब्रोकरेज हाउस भी उलझे

IndiGo के शेयरों में गिरावट का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सातवें लगातार कारोबारी सत्र में स्टॉक भारी टूटकर निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही InterGlobe Aviation का शेयर जोरदार गिरावट के साथ फिसलकर बीएसई पर करीब 6.5% नीचे ₹5,020 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई पर यह 6.25% टूटकर ₹5,035 पर ट्रेड कर रहा था। इंट्राडे में शेयर ₹5,015 के लो तक जा चुका है।
पिछले एक हफ्ते में स्टॉक कुल 15.27% गिर चुका है, जो इंडिगो के लिए बड़ी चेतावनी है।
उड़ान रद्दीकरण का असर—निवेशक हुए बेचैन
इंडिगो ने रविवार को 650 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिसके बाद से शेयर लगातार दबाव में है। कंपनी का कहना है कि संचालन सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन बाज़ार इसका असर लगातार महसूस कर रहा है।
ब्रोकरेज हाउसों की अलग–अलग राय
बाजार विशेषज्ञ इस गिरावट को लेकर एकमत नहीं हैं—
UBS ने स्टॉक को Buy रेटिंग देते हुए टारगेट ₹6,350 रखा है।
Jefferies का मानना है कि 15 दिसंबर तक इंडिगो का शेड्यूल सामान्य हो जाएगा, और उन्होंने टारगेट ₹7,025 रखा है।
Investec ने स्थिति को खराब बताते हुए टारगेट घटाकर ₹4,040 कर दिया है और कहा कि एयरलाइन पर FDTL मानकों का दबाव और बढ़ेगा।
JM Financial ने चेताया कि मौजूदा अव्यवस्था एयरलाइन पर स्थायी लागत दबाव छोड़ सकती है।
इसी बीच रिपोर्ट्स के अनुसार DGCA ने CEO पीटर एल्बर्स से उड़ान रद्दीकरण पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
कंपनी ने बनाई Crisis Management Group
संकट से निपटने के लिए इंडिगो ने Crisis Management Group (CMG) गठित की है, जिसमें चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता, ग्रेग सैरट्स्की, माइक व्हिटेकर, अमिताभ कांत और CEO एल्बर्स शामिल हैं। समूह का उद्देश्य देरी और कैंसिलेशन को कम करना और नेटवर्क स्थिर करना है।
बड़ा नेटवर्क, लेकिन बड़ा दबाव
IndiGo देश की सबसे बड़ी एयरलाइन होने के बावजूद संचालन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है।
कंपनी के पास—
400+ विमान
रोजाना 2,300+ उड़ानें
90+ घरेलू और 45 अंतरराष्ट्रीय रूट
2024 में 58 नए विमान जोड़े
FY25 में 118 मिलियन यात्रियों को सेवा
इसके बावजूद हालिया संकट ने उसके व्यवसाय और निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है।
क्या शेयर आगे और टूटेगा?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले कुछ दिन इंडिगो के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उड़ान संचालन सामान्य होता है या नहीं—यही तय करेगा कि शेयर अपनी गिरावट रोक पाएगा या नहीं।
निवेशकों की नजर अब इंडिगो की रिकवरी प्लान और DGCA की कार्रवाई पर टिकी है।




