15 साल पुराने हत्या-डकैती कांड पर बड़ा फैसला: पूर्व AIADMK विधायक सुदर्शनम की हत्या में बावरिया गैंग के 3 अपराधियों को उम्रकैद

चेन्नई। तमिलनाडु की एक अदालत ने 2005 में हुई सनसनीखेज हत्या-डकैती कांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए कुख्यात बावरिया गैंग के तीन सदस्यों—जगदीश, राकेश और अशोक—को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह वही मामला है जिसमें AIADMK विधायक और पूर्व मंत्री के. सुदर्शनम की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी।
रात 2.45 बजे घर में धावा, गोली मारकर हत्या
यह दर्दनाक घटना 9 जनवरी 2005 की है, जब तड़के लगभग 2.45 बजे पांच सदस्यों वाली बावरिया गैंग ने पेरियापलायम के पास थनाकुलम स्थित विधायक के घर पर हमला किया था।
डकैती के दौरान अपराधियों ने:

विधायक सुदर्शनम को गोली मार दी
उनकी पत्नी और बेटों पर जानलेवा हमला किया
घर से सोने के गहने व सामान लूट लिया
घटना के वक्त सुदर्शनम, गुमिडिपुंडी से विधायक होने के साथ-साथ राज्य सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री भी थे।
राजस्थान-हरियाणा से हुई थी गिरफ्तारी
वारदात के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निर्देश पर IGP एस.आर. जंगिड की निगरानी में कई विशेष टीमें बनाई गईं। महीनों की तलाश के बाद पुलिस ने इन गिरोह के सदस्यों को हरियाणा और राजस्थान से गिरफ्तार किया था।
गैंग के कई आरोपी रास्ते में ही मारे गए या मर गए
उत्तर भारत में पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी मारे गए
ओमप्रकाश और बूरा जेल में बीमारी से मौत
तीन महिला आरोपी जमानत के बाद फरार
बच चुके चार आरोपियों पर चेन्नई की अदालत में मुकदमा चला
86 गवाहों की गवाही के बाद सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अब्राहम लिंकन ने 86 गवाहों के बयान और पूरे केस की विस्तृत सुनवाई के बाद जगदीश, राकेश और अशोक को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
चौथे आरोपी जेलदार सिंह पर फैसला अलग से तय किया गया




