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रबी सीजन में किसानों को बड़ी राहत — केंद्र सरकार ने बढ़ाई उर्वरक व बीज पर सब्सिडी, उत्पादन में आएगी तेजी

केंद्र सरकार ने देशभर के किसानों को राहत देते हुए रबी फसल सीजन 2025-26 के लिए नई कृषि सहायता योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत उर्वरक (Fertilizers) और बीज (Seeds) पर दी जाने वाली सब्सिडी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत में सीधा असर पड़ेगा और लाभांश में बढ़ोतरी होगी।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य “कृषि लागत कम करके किसानों की आय बढ़ाना” है। सरकार का मानना है कि उर्वरक, डीजल और बीज की बढ़ती कीमतों के कारण छोटे व मध्यम किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था, इसलिए यह राहत दी गई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि “रबी सीजन में गेहूं, चना, सरसों, मसूर जैसी फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इस सब्सिडी से देशभर के करीब 9 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।”

योजना के प्रमुख बिंदु

  1. 10% अतिरिक्त सब्सिडी उर्वरक और बीज पर दी जाएगी।
  2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़कर यह लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
  3. डीएपी और एनपीके उर्वरक की नई कीमतें केंद्र द्वारा सब्सिडी के अनुसार समायोजित की जाएंगी।
  4. राज्यों को बीज वितरण और फसल निगरानी के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
  5. किसानों को बुवाई से पहले मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड और सिंचाई सहायता योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

किसानों की प्रतिक्रिया:

राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्यों में किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि हाल में बढ़े उर्वरक दामों ने बोझ बढ़ा दिया था, अब यह सब्सिडी राहत देने वाली साबित होगी।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के किसान रामनाथ साहू ने कहा, “अगर उर्वरक की लागत कम होगी तो हम ज्यादा जमीन पर बुवाई कर सकेंगे। सरकार का यह कदम सही दिशा में है।”

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार और उत्पादन वृद्धि दोनों को प्रोत्साहित करेगा। आने वाले महीनों में रबी फसलों की पैदावार में 7-10% की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

इसके साथ ही कृषि उपकरणों और सिंचाई साधनों की मांग भी बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधि तेज हो सकती है।

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