शिवरीनारायण पुलिस का बड़ा खुलासा—प्रोफेसर के अपहरण, लूट और ब्लैकमेलिंग में शिक्षक और सीएफ जवान समेत 5 गिरफ्तार

जांजगीर–चांपा
शिवरीनारायण पुलिस ने प्रोफेसर रामकुमार सिंह कंवर के अपहरण, लूट और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर वारदात का मास्टरमाइंड कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक शिक्षक और सीएफ का जवान है, जो लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था। 28 नवंबर को आरोपियों ने प्रोफेसर को फोन कर खरौद बुलाया और जैसे ही वे पहुंचे, उन्हें जबरन अगवा कर लिया। आरोपियों ने पहले 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी, मारपीट की और फिर ब्लैकमेलिंग के लिए उनका न्यूड वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी।
दबाव डालकर आरोपियों ने उनसे 14 लाख रुपये की निकासी भी करवा ली, लेकिन प्रोफेसर की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संपूर्ण राशि वापस बैंक में जमा करवा दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP विजय कुमार पांडेय (IPS) ने तुरंत विशेष टीम गठित की।


एएसपी उमेश कश्यप और SDOP चांपा यदुमणि सिदार के नेतृत्व में बनी टीम ने तेजी से दबिश देते हुए सभी आरोपियों की पहचान की और हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में करन दिनकर (मुख्य आरोपी), अरुण मनहर, श्यामजी सिन्हा, कार्तिकेश्वर रात्रे—सीएफ जवान एवं अनुपस्थित कर्मचारी—और एक बाल अपचारी शामिल है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन और ब्लैकमेलिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(2), 308(2), 309(6), 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी निरीक्षक सागर पाठक, प्रधान आरक्षक विवेक सिंह, साइबर सेल एएसआई रामप्रसाद बघेल और थाना स्टाफ की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
पुलिस की इस तीव्र कार्रवाई ने न सिर्फ एक गंभीर अपहरण व लूटकांड का खुलासा किया, बल्कि यह भी उजागर किया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी आपराधिक जाल में शामिल हो सकते हैं। मामले में आगे और भी खुलासों की संभावना बनी हुई है।




