जांजगीर-चांपा

चांपा नगरपालिका कॉम्प्लेक्स में बड़ा खुलासा

आवंटित दुकानों का तीन गुना किराया, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

जांजगीर-चांपा
चांपा नगरपालिका के व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। नगर पालिका द्वारा राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए गए इस कॉम्प्लेक्स में अब नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों को दुकानों का आधिकारिक आवंटन किया गया था, उन्होंने वही दुकानें तीन गुना किराए पर दूसरों को दे दी हैं। यह न केवल नगरपालिका नियमों का उल्लंघन है, बल्कि राजस्व हानि का कारण भी बन रहा है।

आवंटन की जगह अब ‘प्रॉक्सी कारोबार’

स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि कई दुकानें ऐसे लोगों के कब्जे में हैं जिनके नाम पर आवंटन हुआ ही नहीं। वास्तविक आवंटनकर्ता अब निजी लाभ के लिए किराया वसूल रहे हैं, जबकि नगरपालिका को इसका कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिल रहा।

व्यवसायी समुदाय का कहना है —

“नगरपालिका की संपत्ति अब निजी कमाई का जरिया बन चुकी है। नियमों के अनुसार किसी आवंटित व्यक्ति को दुकान किराए पर देने की अनुमति नहीं है।”

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

मामले की जानकारी सामने आने के बाद भी नगरपालिका प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पत्रकारों द्वारा संपर्क करने पर न नगरपालिका अध्यक्ष मिले, न कोई अधिकारी।

नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर जल्द ही सर्वे और जांच नहीं कराई गई तो यह भ्रष्टाचार का स्थायी अड्डा बन जाएगा।

जनता की मांग — सर्वे और कार्रवाई

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगरपालिका को तत्काल

कॉम्प्लेक्स का सर्वे कराना चाहिए,

किराए पर दी गई दुकानों की पहचान करनी चाहिए, और

नियम तोड़ने वालों का आवंटन रद्द कर कार्रवाई करनी चाहिए।

एक व्यापारी ने कहा —

“नगरपालिका ने राजस्व बढ़ाने के लिए कॉम्प्लेक्स बनाया था, लेकिन अब वही संपत्ति निजी लोगों की जेब भर रही है। यह प्रशासन की बड़ी नाकामी है।”

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button