DMF घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा, कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का हंगामा

रिपोर्टर – सरोज रात्रे
लोकेशन – कोरबा
कोरबा में जिला खनिज न्यास यानी DMF फंड के कथित घोटाले की जांच के दौरान आज बड़ा बवाल देखने को मिला।
बिलासपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति के समक्ष दर्जनों ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे और DMF फंड में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए।
ग्रामीणों और याचिकाकर्ताओं का कहना है कि खनन से प्रभावित गांवों के विकास के लिए मिलने वाली राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है।
जनपद सदस्य, सरपंच और भू-विस्थापित संगठनों के प्रतिनिधियों ने जांच समिति को बताया कि जिले के 43 खनन प्रभावित गांवों—खासतौर पर 13 घोषित ‘आदर्श गांवों’ में आज तक सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं।


ग्रामीणों ने नियम विरुद्ध कराए गए कार्यों पर तत्काल रोक लगाने और DMF फंड का पारदर्शी एवं सही उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं जांच समिति ने सभी शिकायतों को संकलित करने की बात कही है और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी।
इस पूरे मामले में अब अगली सुनवाई 30 जनवरी को बिलासपुर हाईकोर्ट में होनी है।
ऐसे में कोरबा के खनन प्रभावित गांवों की किस्मत अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।




