गरीबों के हक पर डाका! पीडीएस चावल की अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा

लोकेशन: जांजगीर–चांपा
रिपोर्टर: जय ठाकुर
पीडीएस चावल खुले बाजार में बेचने की तैयारी, नाबालिग के भरोसे चल रही थी राशन दुकान
चांपा शहर के वार्ड क्रमांक 21 से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए शासन द्वारा आवंटित सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस का चावल खुले बाजार में बेचने की साजिश का खुलासा हुआ है।
तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में भारी आक्रोश है।
सवाल यह है कि क्या गरीबों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है?
और क्या प्रशासन की अनदेखी में राशन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है?



ये तस्वीरें चांपा शहर के वार्ड क्रमांक 21 स्थित पीडीएस राशन दुकान की हैं…
जहां साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दुकान से चावल की बोरियां निकालकर एक पिकअप वाहन में लोड की जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह चावल शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या रियायती दर पर देने के लिए भेजा गया था,
लेकिन इसे खुले बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
जब मौके पर पहुंचे तो हालात और भी चौंकाने वाले नजर आए।
दुकान की संचालक मौके पर मौजूद नहीं थी,
और सबसे गंभीर बात यह कि दुकान में एक नाबालिग लड़का बायोमेट्रिक मशीन के जरिए हितग्राहियों के अंगूठे के निशान ले रहा था।
यह दृश्य कई सवाल खड़े करता है—
क्या पीडीएस जैसी संवेदनशील व्यवस्था अब बच्चों के भरोसे छोड़ दी गई है?
क्या नियम और कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं?
स्थानीय हितग्राहियों का कहना है कि यह राशन दुकान अक्सर समय पर नहीं खुलती।
लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के राशन वितरण टाल दिया जाता है।
शिकायत करने पर हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है।
लोगों का दावा है कि इस दुकान को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं,
लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई,
जिससे दुकानदार के हौसले और बुलंद होते चले गए।



वार्ड की पार्षद ने भी पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
उनका कहना है कि गरीबों के हक के राशन के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी चोरी के पीडीएस चावल खरीदने के मामले में
दुकान संचालक को जयपुर पुलिस के समक्ष तलब किया जा चुका है।
इसके बावजूद लापरवाही और कथित अवैध गतिविधियां जारी रहीं।
शहर में खाद्य विभाग की अनदेखी के चलते कई पीडीएस दुकानों की स्थिति बदहाल बताई जा रही है।
न तो दुकान खुलने का कोई तय समय है,
और न ही वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाई देती है।
इस पूरे मामले पर चांपा एसडीएम पवन कोसमा ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी
और जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन जांच की बात कर रहा है…
लेकिन सवाल अब भी कायम हैं—
क्या गरीबों के हक का राशन खुले बाजार में बिक रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से यह पूरा खेल चल रहा है?
और क्या इस बार दोषियों पर वाकई सख्त कार्रवाई होगी,
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?
अब नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं…
क्योंकि यह मामला सिर्फ चावल की चोरी का नहीं,
बल्कि गरीबों के हक और भरोसे के साथ किए गए खिलवाड़ का है।




