गढ़चिरोली में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी; 25 लाख का इनामी कमांडर ‘प्रभाकर’ समेत 7 नक्सली ढेर

महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में सुरक्षाबलों ने अब तक के सबसे बड़े और सफल नक्सल विरोधी अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। 6 और 7 फरवरी को अबूझमाड़ के जंगलों में हुई इस भीषण मुठभेड़ में C-60 कमांडो यूनिट ने नक्सली संगठन की कमर तोड़ते हुए 25 लाख रुपये के इनामी टॉप कमांडर ‘प्रभाकर’ सहित कुल 7 नक्सलियों को मार गिराया है।
इस साहसिक ऑपरेशन के दौरान C-60 यूनिट के बहादुर जवान दीपक चिन्ना मडावी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
ऑपरेशन की मुख्य बातें:
अवधि: 3 फरवरी से शुरू होकर लगातार तीन दिन और तीन रात चला अभियान।
क्षेत्र: छत्तीसगढ़ सीमा से सटा अबूझमाड़ का दुर्गम जंगली इलाका (फोड़ेवाड़ा गांव के पास)।
गढ़चिरोली पुलिस की विशेष इकाई C-60 और CRPF की टुकड़ियां।
नतीजा: 7 नक्सली ढेर हुए (4 पुरुष, 3 महिलाएं) और भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी।
टॉप कमांडर ‘प्रभाकर’ का खात्मा
मारे गए नक्सलियों में सबसे महत्वपूर्ण नाम प्रभाकर (लोकेटी चंदर राव) का है। तेलंगाना निवासी प्रभाकर नक्सली संगठन की ‘गढ़चिरोली डिवीजनल कमेटी’ का प्रभारी था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की हिट-लिस्ट में था। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी मृत्यु नक्सली नेटवर्क और ‘कंपनी नंबर 10’ के लिए एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।


जवान दीपक मडावी ने दी शहादत
ऑपरेशन के दौरान C-60 कमांडो दीपक चिन्ना मडावी (38 वर्ष) ने बहादुरी से लड़ते हुए दो नक्सलियों को मार गिराया, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। एक अन्य जवान जोगा मडावी भी घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है।
बरामद हथियारों का जखीरा
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने निम्नलिखित हथियार और सामग्री जब्त की है:
03 एके-47 (AK-47) राइफलें
01 एसएलआर (SLR)
01 .303 राइफल
बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और नक्सली साहित्य।
उल्लेखनीय है कि इस घटना से मात्र एक दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने संकल्प दोहराया था कि 31 मार्च तक क्षेत्र से नक्सलवाद का पूर्ण सफाया कर दिया जाएगा। गढ़चिरोली पुलिस का यह ‘निर्णायक प्रहार’ उसी दिशा में एक बड़ा कदम देखा जा रहा है।




