सुकमा

सुकमा के तुमालपाड़ जंगल में बड़ी सफलता—IED मास्टरमाइंड माड़वी देवा समेत 3 माओवादी ढेर, भारी हथियार बरामद

सुकमा, 16 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता मिली है। भेज्जी–चिंतागुफा सीमा के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में DRG टीम ने कुख्यात माओवादी माड़वी देवा सहित 3 माओवादी कैडरों को मार गिराया।

माड़वी देवा को सुरक्षा एजेंसियाँ लंबे समय से तलाश रही थीं। वह एरिया जनमिलिशिया कमांडर, स्नाइपर टीम कमांडर और कई बड़ी नक्सली कार्रवाइयों का मास्टरमाइंड था।

माड़वी देवा—IED ब्लास्ट व ASP आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी

माड़वी देवा, सुकमा के पोटानार गांव का निवासी,

ASP आकांश राव गिरिपुंजे की हत्या का साजिशकर्ता,

कई ग्रामीण हत्याओं का आरोपी,

और क्षेत्र में अत्यंत सक्रिय व खतरनाक माओवादी कमांडर था।

उस पर सरकार ने ₹5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

मुठभेड़ में मारे गए अन्य माओवादी कैडरों की पहचान

पोडियम गंगी

निवासी: पेद्दापाड़, जिला सुकमा

पद: एरिया CNM कमांडर

इनाम: ₹5 लाख

सोड़ी गंगी

निवासी: वेरमगुंडु, थाना किस्टाराम

पद: एरिया कमेटी सदस्य

इनाम: ₹5 लाख

मुठभेड़ में दो महिला माओवादी भी शामिल थीं, जिनकी पुष्टि पुलिस ने की है।

पुलिस की कार्रवाई कैसे शुरू हुई?

सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि DRG को तुमालपाड़ के पहाड़ी जंगलों में भारी माओवादी गतिविधि की सूचना मिली थी।
सुबह शुरू हुए सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने फायरिंग की, जिस पर जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और तीनों माओवादी मौके पर ढेर कर दिए गए।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने जब्त किए—

.303 राइफल

BGL लॉन्चर

बड़ी मात्रा में गोला-बारूद

हथियारों के पुर्जे

माओवादी दस्तावेज़

दैनिक उपयोग की सामग्री

बरामदगी से साफ है कि यह माओवादी टीम बड़ी कार्रवाई की तैयारी में थी।

माओवाद की कमर टूट रही है — बस्तर IGP

बस्तर रेंज के IGP सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बताया कि—

“बस्तर में माओवाद अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। संगठन की संरचना टूट चुकी है। हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों के लिए सरकार की आत्मसमर्पण नीति हमेशा खुली है।”

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिसमें Central Committee Member, DKSZC Member और PLGA Cadres शामिल हैं।
यह आँकड़ा माओवादी नेटवर्क की निर्णायक कमजोरी को दर्शाता है।

आगे भी बड़े अभियान जारी रहेंगे

DRG, बस्तर फाइटर्स, CRPF और अन्य बल लगातार क्षेत्र में

विस्तृत सर्चिंग,

डोमिनेशन ऑपरेशन
चला रहे हैं, ताकि शेष बचे माओवादी तत्वों को भी समाप्त किया जा सके।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button