
रिपोर्टर जय ठाकुर
स्थान सकरी बिलासपुर
थाना सकरी पुलिस ने 20 दिन पुराने अंधेकत्ल के मामले का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी पूर्व से ही अन्य प्रकरण में जेल में निरुद्ध है। यह सफलता ह्यूमन इंटेलिजेंस, स्थानीय सूत्रों और सतत सर्विलांस के माध्यम से मिली है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 दिसंबर 2025 को सूचक संजू साहनी द्वारा थाना सकरी में सूचना दी गई थी कि उसके पिता प्रहलाद साहनी दिनांक 07 दिसंबर को हिर्री माइंस इंद्रपुरी से मोटरसाइकिल द्वारा बिलासपुर के लिए निकले थे, जिनका शव 08 दिसंबर को सकरी शराब भट्ठी के पास पड़ा मिला।सूचना पर थाना सकरी में मर्ग क्रमांक 115/2025 कायम कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा शव पंचनामा उपरांत पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने एवं घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस द्वारा गहन जांच प्रारंभ की गई। शराब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए।जांच के दौरान एक सीसीटीवी कैमरे में केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई, जिसमें घटना की रात लगभग 11:30 बजे गाली-गलौच और बहस की आवाजें सुनाई दीं। परिजनों द्वारा ऑडियो की पहचान किए जाने पर गाली देने वाली आवाज मृतक प्रहलाद साहनी की होना पुष्टि हुई, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।इसी बीच घटना के अगले दिन आरोपी प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा स्वयं थाना सकरी में एक अन्य प्रकरण में गिरफ्तारी हेतु उपस्थित हुआ, जिससे पुलिस को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ।

इसके पश्चात सकरी पुलिस ने लगभग 20 दिनों तक सतत सर्विलांस एवं स्थानीय मुखबिर तंत्र के माध्यम से घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा।जांच में यह सामने आया कि घटना की रात मृतक शराब के नशे में सकरी शराब दुकान के पास गाली-गलौच कर रहा था। शोर सुनकर वहीं रहने वाले पुरूषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम, प्रियांशु वर्मा एवं प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा मौके पर पहुंचे और विवाद के दौरान तीनों ने मृतक के साथ मारपीट की, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। आरोपी उसे उसी अवस्था में छोड़कर चले गए। अगले दिन सुबह मृतक का शव उसी स्थान पर मिला।मामले में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस द्वारा धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पूछताछ में आरोपी पुरूषोत्तम वर्मा उर्फ आसाराम एवं प्रियांशु वर्मा ने अपराध स्वीकार किया, जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। तीसरा आरोपी प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा पूर्व से ही जेल में निरुद्ध है।सकरी पुलिस की इस कार्रवाई को अंधेकत्ल मामलों में त्वरित व सूक्ष्म जांच का उदाहरण माना जा रहा है।




