राजनीति

बिहार चुनाव की सबसे चर्चित सीटों पर बड़ा उलटफेर: मैथिली ठाकुर, अनंत सिंह, तेज प्रताप, ओसामा और खेसारी की सीटों का पूरा विश्लेषण

पटना | 14 नवंबर 2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर इस बार सभी की निगाहें टिकी थीं। अलीनगर से लेकर मोकामा, महुआ, छपरा और रघुनाथपुर तक—कई सीटों पर हस्तियों, बाहुबली नेताओं और चर्चित चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। नतीजों ने कई चर्चित उम्मीदवारों को जीत दिलाई, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।

इस रिपोर्ट में इन पांच हॉट सीटों का विस्तृत विश्लेषण—

  1. अलीनगर: गायिका मैथिली ठाकुर ने दर्ज की दमदार जीत

लोकप्रिय लोकगायिका मैथिली ठाकुर को बीजेपी ने पहली बार अलीनगर से मैदान में उतारा था और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11,730 वोटों से जीत दर्ज की।

पहला स्थान: मैथिली ठाकुर (BJP)

दूसरा स्थान: विनोद मिश्रा (RJD) – 73,185 वोट

तीसरा स्थान: सैफुद्दीन अहमद (आजाद)

चौथा स्थान: बिप्लव कुमार चौधरी (जनसुराज)

मैथिली ठाकुर की मिथिला क्षेत्र में लोकप्रियता और सोशल मीडिया क्रेज ने उनकी जीत को मजबूती दी। 2020 में यहां वीआईपी उम्मीदवार जीते थे, जबकि 2015 में RJD ने कब्जा किया था।

  1. मोकामा: गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह की एकतरफा जीत

चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इसका असर अनंत सिंह (JDU) की जीत पर नहीं पड़ा। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी को 28,206 वोटों से हराया।

अनंत सिंह और उनके परिवार का मोकामा पर 35 वर्षों का राजनीतिक दबदबा

2000 में पहली बार सूरजभान सिंह ने यह पकड़ तोड़ी थी

2005 से अब तक अनंत सिंह को हराना किसी के लिए आसान नहीं रहा

आर्म्स एक्ट केस में अयोग्यता के बाद 2024 में रिहाई—2025 में दोबारा सक्रिय वापसी

इस बार वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) को मौका दिया गया था, पर उनकी मजबूत छवि भी सीट नहीं बचा सकी।

  1. महुआ: तेज प्रताप यादव को बड़ा झटका, तीसरे स्थान पर खिसके

राबड़ी देवी–लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार थे। चुनाव में उनकी एंट्री ने महुआ को हाई-प्रोफाइल बना दिया, पर नतीजे उनके लिए बेहद निराशाजनक रहे।

पहला स्थान: संजय कुमार सिंह (LJP-R)

दूसरा स्थान: मुकेश रौशन (RJD)

तीसरा स्थान: तेज प्रताप यादव (JJD) – 35,703 वोट

तेज प्रताप 2015 में इसी सीट से जीते थे लेकिन 2020 में उन्हें हसनपुर भेजा गया था, जिससे उनकी स्थानीय पकड़ कमजोर हो गई। आखिरी समय में बनी नई पार्टी का भी कोई विशेष प्रभाव नहीं दिखा।

  1. छपरा: खेसारी लाल यादव हारकर दूसरे स्थान पर, BJP की बड़ी जीत

इस बार RJD ने भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर दांव लगाया था। चुनाव प्रचार में भारी भीड़ दिखी, लेकिन वोटों में यह भीड़ नहीं बदल सकी।

विजेता: छोटी कुमारी (BJP) – 86,845 वोट

दूसरे स्थान पर: खेसारी लाल यादव – 79,245 वोट

तीसरा स्थान: राखी गुप्ता (आजाद)

2020 में भी यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। खेसारी लाल की लोकप्रियता चुनावी जमीन पर वोटों में तब्दील नहीं हो सकी।

  1. रघुनाथपुर: पहली बार चुनाव लड़ते ही ओसामा शहाब की जीत

सिवान की चर्चित सीट रघुनाथपुर पर शहाबुद्दीन फैक्टर इस बार भी प्रभावी दिखा। RJD उम्मीदवार और दिवंगत बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने JDU के उम्मीदवार विकास कुमार सिंह को 9,248 वोटों से हराया।

ओसामा शहाब का पहला चुनाव

शहाबुद्दीन की विरासत का सीधा असर वोटों पर दिखा

2024 लोकसभा में हिना शहाब की हार के बाद परिवार को मिली पहली चुनावी सफलता

बिहार चुनाव की तस्वीर: NDA को बड़ी बहुमत

NDA: 202 सीटें

महागठबंधन: 35

जनसुराज: 0

इस बार कई सीटों पर हाई-प्रोफाइल मुकाबले हुए, लेकिन आंकड़ों में NDA ने बिहार की राजनीति में एकतरफा बढ़त बना ली है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button