बिहार चुनाव एग्जिट पोल: एनडीए बहुमत से एक कदम दूर, महागठबंधन ने भी दी कड़ी टक्कर

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं — और इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक दिखाई दे रहा है।
एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के मुताबिक 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है, जबकि एनडीए को सिर्फ एक सीट कम यानी 121 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
वहीं, महागठबंधन (राजद + कांग्रेस + अन्य) को 118 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उसे बहुमत के बेहद करीब ला देता है।
सिर्फ 2% वोट शेयर का फासला
सर्वे के अनुसार, एनडीए को 43% और महागठबंधन को 41% वोट शेयर मिल सकता है — यानी दोनों के बीच महज दो प्रतिशत का अंतर रहेगा।
इससे साफ है कि इस बार बिहार का रण “कड़ा और करीबी मुकाबला” बन चुका है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो बिहार की सत्ता तक पहुंचने की लड़ाई सीट-दर-सीट तय होगी।
सीएनएक्स और वोट वाइब ने दिखाया एनडीए को स्पष्ट बहुमत
अन्य सर्वेक्षण एजेंसियों ने हालांकि एनडीए के पक्ष में स्पष्ट बहुमत की भविष्यवाणी की है।
वोट वाइब के अनुसार, एनडीए को 125-145 सीटें,
महागठबंधन को 95-115 सीटें,
और जन सुराज पार्टी को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है।
वहीं, सीएनएक्स ने एनडीए को 150-170 सीटों,
और महागठबंधन को 70-90 सीटों के बीच बताया है।
पार्टीवार अनुमान: किसे कितना मिलेगा
दल सीटों का अनुमान
आरजेडी 67–76
जेडीयू 56–62
बीजेपी 50–56
कांग्रेस 17–21
इन आंकड़ों के अनुसार, जेडीयू में सुधार दिख रहा है जबकि भाजपा को पिछली बार की तुलना में नुकसान हो सकता है।
वहीं, राजद की स्थिति लगभग स्थिर मानी जा रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा – “एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं”
राजद नेता तेजस्वी यादव ने एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए कहा कि
“बिहार की जनता ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है।
हमारा विश्वास है कि महागठबंधन की सरकार बन रही है।”
उन्होंने 2020 का उदाहरण देते हुए कहा कि
“तब भी कई एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे, इस बार भी होंगे।”
क्या फिर होगा ‘फोटो फिनिश’?
2020 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
अगर एनडीए और महागठबंधन के बीच सीटों का अंतर 5-10 से कम रहता है, तो
निर्दलियों और छोटे दलों की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि
“बिहार में इस बार हवा नहीं, बल्कि गली-मोहल्लों का गणित परिणाम तय करेगा।”




