बिलासपुर

नवोदय छात्र की संदिग्ध मौत से उबल पड़ा बिलासपुर

इलाज में लापरवाही के आरोप, गेट पर बैठकर सैकड़ों छात्र बोले—कलेक्टर आए बिना नहीं हटेंगे,SDM जांच शुरू

बिलासपुर

मल्हार स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 10 के छात्र हर्षित यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे स्कूल में गुस्से की लहर दौड़ा दी है। बुधवार सुबह से ही सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

छात्रों का कहना है कि अगर हर्षित को समय पर इलाज और उचित सुविधा मिल जाती, तो उसकी जान बच सकती थी। हर्षित की मौत के बाद छात्रों ने हॉस्टल की बदहाल स्थिति, घटिया भोजन और प्रबंधन की मनमानी को भी खुलकर सामने रखा है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को “गंभीर” बताते हुए मस्तूरी SDM को त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं।

छात्रों का आरोप: न इलाज मिला, न एंबुलेंस… दाल में पानी, हॉस्टल में गंदगी

धरने पर बैठे छात्रों ने बताया कि—

हॉस्टल की टॉयलेट टूटी हुई हैं, दीवारों से सीपेज, कमरे जर्जर।

500 छात्रों के लिए सिर्फ 3 सफाईकर्मी, सफाई व्यवस्था चरमराई हुई।

दाल की जगह पीला पानी, सब्जी में सिर्फ उबला आलू मिलता है।

शिकायत करने पर प्रबंधन डांटकर चुप करा देता है।

छात्रों ने कहा— “अगर प्रबंधन सतर्क होता और समय पर इलाज करवाता, तो हर्षित जिंदा होता।”

कैसे हुई हर्षित की तबीयत बिगड़ी — पिता की आपबीती

परिवार के मुताबिक—

22 नवंबर को हर्षित की हालत गंभीर होने पर देर से सूचना दी गई।

पिता स्कूल पहुंचे तो प्रबंधन ने कहा— “गाड़ी प्राचार्य ले गए हैं… बाहर से व्यवस्था करो।”

मजबूरी में पिता ने बेटे को कपड़े से बांधकर बाइक पर बैठाया और अस्पताल ले गए।

डॉक्टरों ने निमोनिया बताया और इलाज में देरी पर चिंता जताई।

सोमवार सुबह हर्षित की हालत फिर बिगड़ी और ICU में भर्ती कराने के बाद उसकी मौत हो गई।

पिता जयप्रकाश यादव ने कहा—
“मेरे बेटे की मौत प्रबंधन की लापरवाही से हुई। समय पर गाड़ी और इलाज मिलता तो वह बच जाता। जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो।”

छात्रों का गुस्सा: ‘कलेक्टर आए बिना धरना खत्म नहीं’

प्री-बोर्ड परीक्षा के बीच छात्र सड़क पर उतर आए। उनका कहना है कि—

स्कूल प्रशासन की अव्यवस्थाओं को कई बार बताया गया था।

लेकिन शिकायत को अनसुना किया गया।

अब स्थिति इतनी खराब है कि उन्हें मजबूरन विरोध करना पड़ रहा है।

कलेक्टर बोले— “बहुत गंभीर मामला”, SDM को जांच सौंपी

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि छात्र की मौत अत्यंत गंभीर विषय है।
उन्होंने मस्तूरी SDM को तत्काल जांच कर पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

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