“भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार… सियासी और कारोबारी रंजिश बनी हत्या की वजह”

Reporter सरोज रात्रै
Location कटघोरा कोरबा
कोरबा जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को दहला देने वाले भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि व्यावसायिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का खौफनाक अंजाम थी।

कटघोरा निवासी और भाजपा नेता, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की हत्या के पीछे चुनावी हार, व्यापार में नाकामी और व्यक्तिगत रंजिश जैसे कारण सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
बाइट – पुलिस अधीक्षक, कोरबा:
“अक्षय गर्ग हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है। जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे व्यावसायिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता मुख्य वजह रही।”

मंगलवार की सुबह एक काली कार में सवार होकर चार आरोपी मौके पर पहुंचे।
बिना किसी बातचीत के धारदार हथियारों से अक्षय गर्ग पर ताबड़तोड़ हमला किया गया।
गंभीर हालत में उन्हें कटघोरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हत्याकांड से पूरे कोरबा जिले में आक्रोश फैल गया।
कटघोरा बंद रहा, बाजार सन्नाटे में डूब गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला भी मौके पर पहुंचे।
लगातार दबाव और गहन जांच के बाद आखिरकार पुलिस ने इस हत्याकांड का राजफाश कर दिया।
हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है,
लेकिन यह वारदात राजनीति और व्यापार में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
क्या सत्ता और कारोबार की जंग अब सड़कों पर खून बहाने तक पहुंच गई है?
इस सवाल का जवाब समाज और सिस्टम—दोनों को देना होगा।




