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बोनी कपूर 70: राज कपूर के गैराज से शुरू हुआ सफर, दिवालिया होने के बाद श्रीदेवी से शादी ने बदली किस्मत

हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता बोनी कपूर आज 70 साल के हो गए हैं।जिन्होंने ‘मिस्टर इंडिया’, ‘वो सात दिन’ और ‘हम पांच’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई — लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था।गरीबी से शुरू हुआ यह सफर कर्ज, संघर्ष, फ्लॉप फिल्मों और निजी उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
राज कपूर के गैराज में गुज़रे दिन से लेकर श्रीदेवी से शादी तक, बोनी कपूर की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही।

राज कपूर के गैराज में बीता बचपन
बोनी कपूर का जन्म 11 नवंबर 1955 को हुआ था।
उनके पिता सुरिंदर कपूर, दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के चचेरे भाई थे।जब सुरिंदर परिवार सहित मुंबई आए, तो शुरुआती दिनों में वे राज कपूर के गैराज में रहते थे।
धीरे-धीरे सुरिंदर कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई, लेकिन दिल की बीमारी के बाद बोनी ने परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।उसी दौरान उन्होंने प्रोडक्शन संभालने का फैसला किया जबकि छोटे भाई अनिल कपूर ने एक्टिंग चुनी।

‘हम पांच’ से की शुरुआत, ‘मिस्टर इंडिया’ से मिला नाम
बोनी कपूर ने साल 1980 में अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘हम पांच’ से की।
इसके बाद आई ‘वो सात दिन’ (1983), जिससे उन्होंने अपने भाई अनिल कपूर को लॉन्च किया।
फिल्म हिट रही और बोनी को प्रोड्यूसर के रूप में पहचान मिली।
फिर आया साल 1987, जब बोनी कपूर ने ‘मिस्टर इंडिया’ बनाई —
यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी कल्ट क्लासिक में गिनी जाती है।इस फिल्म ने न सिर्फ अनिल कपूर को सुपरस्टार बनाया, बल्कि श्रीदेवी के साथ बोनी की लव स्टोरी की शुरुआत भी यहीं से हुई।

शादी, तलाक और श्रीदेवी से रिश्ता
बोनी कपूर ने पहली शादी मोना शौरी से 1983 में की थी।
दोनों के दो बच्चे हुए — अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर।
लेकिन 1996 में श्रीदेवी से रिश्ते की खबरों ने बॉलीवुड को हिला दिया।
मोना से तलाक के बाद, उसी साल बोनी ने श्रीदेवी से शादी की।
फिर 1997 में जान्हवी और 2000 में खुशी कपूर का जन्म हुआ।
2018 में श्रीदेवी के निधन ने बोनी कपूर को गहरा झटका दिया, जिन्हें वे आज भी याद करते हैं।

फिल्म फ्लॉप, कर्ज और संपत्ति बेचनी पड़ी
‘मिस्टर इंडिया’ की सफलता के बाद बोनी ने ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ बनाने का बड़ा फैसला किया
लेकिन 6 साल की देरी और भारी बजट (₹9 करोड़) वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई।फिल्म के फ्लॉप होने के बाद बोनी पर ₹12 करोड़ का कर्ज चढ़ गया।
उन्होंने अपनी कुछ संपत्तियां बेच दीं और 4 साल में कर्ज चुकाया।
बोनी ने एक इंटरव्यू में कहा, “उस वक्त मोना और मेरे भाइयों ने मेरा साथ नहीं छोड़ा, भले ही हालात कितने भी खराब क्यों न रहे।”

बोनी कपूर का इंडस्ट्री संघर्ष — सरकार से टकराव तक
साल 1986 में जब महाराष्ट्र सरकार ने फिल्म टिकटों पर भारी टैक्स लगाया,तो बोनी कपूर ने राज कपूर, अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी जैसे सितारों के साथ‘फिल्म इंडस्ट्री हड़ताल’ का नेतृत्व किया।इस हड़ताल से इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हुआ, लेकिन बोनी कपूर के प्रयास से सरकार ने टैक्स कम किया।उन्होंने इस आंदोलन को खत्म करने के बाद वैष्णो देवी जाकर आशीर्वाद लिया था।

श्रीदेवी के लिए 10 लाख की जगह दी 11 लाख की फीस
‘मिस्टर इंडिया’ के लिए जब बोनी कपूर ने श्रीदेवी को साइन करना चाहा,तो उनकी मां ने ₹10 लाख की फीस मांगी।बोनी कपूर ने तुरंत जवाब दिया — “हम 11 लाख देंगे।”
श्रीदेवी की मां राज़ी हो गईं और यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
बाद में श्रीदेवी की मां की बीमारी के दौरान बोनी ने उनका इलाज अमेरिका में करवाया,
जिसके बाद श्रीदेवी ने उनका शादी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

आज बोनी कपूर कहां हैं?
70 की उम्र में भी बोनी कपूर लगातार फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने “मिली”, “ब्लडी डैडी” और “मिस्टर इंडिया 2” जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

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