अर्थशास्त्र

Budget 2026: गुटखा-सिगरेट पर ‘सेस’ से सरकार भरेगी खजाना, 2026-27 में 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

न्यूज़ | नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में तंबाकू और पान-मसाले पर सख्ती के साथ राजस्व बढ़ाने का बड़ा कदम उठाया गया है। बजट में पान-मसाला निर्माण पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (सेस) लगाने का ऐलान किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 14,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
बजट दस्तावेजों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के बचे हुए दो महीनों—फरवरी और मार्च—में ही इस उपकर से 2,330 करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान है। पान-मसाले पर यह सेस 1 फरवरी से लागू हो चुका है, जो 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त होगा। हालांकि, जीएसटी जोड़ने के बाद भी कुल कर भार 88 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा। उपकर की गणना पान-मसाला बनाने वाली इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी।
उधर, सिगरेट पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के बाद दामों में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है। रविवार से सिगरेट के दाम प्रति 10 सिगरेट के पैकेट पर 22 से 25 रुपये तक बढ़ गए हैं। वितरकों के अनुसार, 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेट 50 से 55 रुपये तक महंगी हो सकती है। लोकप्रिय ब्रांड जैसे विल्स नेवी कट, गोल्ड फ्लेक लाइट्स और विल्स क्लासिक के दाम भी 120 से 225 रुपये प्रति पैकेट तक पहुंचने की संभावना है।
सरकार का कहना है कि इस कदम से जहां राजस्व बढ़ेगा, वहीं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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