अर्थशास्त्र

Budget 2026: इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का जोर, MSME और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा – निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। संसद में बजट 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, MSME सेक्टर को मजबूती और रोजगार सृजन पर है। उन्होंने कहा कि इस बजट में राज्यों की सिफारिशों को शामिल किया गया है और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाकर आर्थिक विकास को गति देने की रणनीति अपनाई गई है।
लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में की गई घोषणाओं से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
50 साल का ब्याजमुक्त लोन, राज्यों को मिलेगा पूंजीगत समर्थन
निर्मला सीतारमण ने बताया कि हर बजट से पहले राज्यों के वित्त मंत्रियों से चर्चा की जाती है। इस बार भी उनकी सिफारिशों के आधार पर राज्यों को दिए जाने वाले 50 साल के ब्याजमुक्त ऋण (Interest-Free Loan) को जारी रखने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह कैपिटल एक्सपेंडिचर सपोर्ट अंततः एक तरह से ग्रांट के समान है, जिससे राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलेगी।
MSME सेक्टर को मजबूती, रोजगार सृजन पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में MSME सेक्टर के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को पूंजी, टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सेस में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ने से निर्माण, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नई संभावनाएं पैदा होंगी, जिसका सीधा फायदा MSME इकाइयों को मिलेगा।
स्किल डेवलपमेंट को शिक्षा से जोड़ा जाएगा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अलग से कौशल प्रशिक्षण की जरूरत न पड़े, इसके लिए स्किल डेवलपमेंट को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के पास “मेगा उद्यमिता निर्माण केंद्र” स्थापित किए जा सकते हैं, जहां छात्र पढ़ाई के साथ-साथ उद्यमिता और व्यावसायिक कौशल भी सीख सकेंगे।
“हम चाहते हैं कि छात्र शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने के बजाय खुद उद्यमी बनकर निकलें,” – निर्मला सीतारमण
मेडिकल टूरिज्म और आयुष को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इसमें आयुष प्रणाली को भी शामिल किया गया है। उनका मानना है कि भारत वैश्विक स्तर पर मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।
शिक्षा हब के रूप में विकसित होंगे मेगा सेंटर
उन्होंने कहा कि राज्यों के औद्योगिक क्लस्टर के पास बड़े शिक्षा और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। ये केंद्र उच्च शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को जोड़ने का काम करेंगे।
सरकार इस दिशा में राज्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
क्या है सरकार की व्यापक रणनीति?
इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाकर आर्थिक विकास को गति देना
MSME सेक्टर को मजबूत बनाकर रोजगार बढ़ाना
स्किल डेवलपमेंट को शिक्षा प्रणाली में शामिल करना
मेडिकल टूरिज्म और आयुष को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना
राज्यों को ब्याजमुक्त दीर्घकालिक वित्तीय सहायता देना
निष्कर्ष
बजट 2026 पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस दीर्घकालिक विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और MSME पर जोर को आर्थिक मजबूती की आधारशिला बताया गया है।
अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।

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