Budget 2026 Tax Changes: नए आयकर कानून में छिपे बड़े बदलाव, 1 अप्रैल से पहले जानना बेहद जरूरी

नई दिल्ली
बजट 2026-27 के बाद वित्त मंत्रालय ने आयकर से जुड़े अहम FAQ जारी किए हैं, जिनसे साफ हो गया है कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम 2025 करदाताओं के लिए बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। हालांकि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन टैक्स रिटर्न फाइलिंग, TDS, पेनल्टी, नोटिस और प्रॉसिक्यूशन से जुड़े नियम काफी सरल बनाए गए हैं।
नए कानून का फोकस टैक्स अनुपालन आसान बनाने, विवाद कम करने और डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर है। अब करदाता 4 साल (48 महीने) तक अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकेंगे। नॉन-ऑडिट मामलों में ITR की डेडलाइन बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।
बजट 2026 में NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को बड़ी राहत दी गई है, अब TDS के लिए TAN लेने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ PAN से काम चल जाएगा। वहीं मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है।
इसके अलावा अनएक्सप्लेन्ड इनकम पर टैक्स 60% से घटाकर 30%, MF और डिविडेंड पर एक ही डिक्लेरेशन, कम या निल TDS सर्टिफिकेट की आसान प्रक्रिया, PF-ESI जमा पर राहत और कई टैक्स अपराधों का डीक्रिमिनलाइजेशन भी शामिल है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ये बदलाव मिडिल क्लास, सैलरीड टैक्सपेयर्स, रिटायर्ड लोगों और बिजनेस क्लास सभी के लिए राहत भरे हैं। 1 अप्रैल 2026 से पहले इन नियमों को समझना हर टैक्सपेयर के लिए जरूरी है, ताकि नए वित्त वर्ष में किसी तरह की परेशानी न हो।




