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Budget 2026: क्या बदला, क्या कमी रह गई? देखिए बजट का पूरा सारांश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन कर्तव्यों—आर्थिक वृद्धि को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं व क्षमता निर्माण, और सबका साथ–सबका विकास—पर आधारित है। बजट को युवा शक्ति संचालित बताते हुए गरीब, शोषित और वंचित वर्गों पर विशेष जोर दिया गया है।

आर्थिक मोर्चे पर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। एमएसएमई को भविष्य का चैम्पियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई विकास निधि प्रस्तावित है। बायोफॉर्मा शक्ति योजना (10,000 करोड़ रुपये) से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सात उच्च-गति रेल कॉरिडोर, नए फ्रेट कॉरिडोर और शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास की घोषणा की गई है।

कर सुधारों में नया आयकर अधिनियम 2025 (अप्रैल 2026 से लागू), सरलीकृत नियम, टीसीएस में कटौती और दंड-प्रक्रिया के युक्तिकरण शामिल हैं। आईटी सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए सेफ हार्बर सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये की गई है और विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया गया है।
शिक्षा, कौशल और सामाजिक क्षेत्र में लड़कियों के लिए हर जिले में छात्रावास, एवीजीसी लैब, पर्यटन गाइड प्रशिक्षण, खेलो इंडिया मिशन, कृषि के लिए बहुभाषी एआई टूल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार की घोषणा की गई है। कुल मिलाकर बजट का लक्ष्य तेज, समावेशी और टिकाऊ विकास है।

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