Budget Session 2026-27: गरीबी घटाने में प्रगति, 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर; 95 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा

नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वर्ष 2026 के साथ इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि बीते 10–11 वर्षों में देश ने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान-तकनीक और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी नींव को मजबूत किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक दशक में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लगभग 25 करोड़ लोगों तक सीमित थीं, वहीं अब इनका लाभ करीब 95 करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।
गरीब और वंचित वर्ग के लिए प्रमुख पहल
बीते 10 वर्षों में गरीबों के लिए 4 करोड़ पक्के मकान बनाए गए, जबकि पिछले एक साल में 32 लाख नए घर दिए गए।
जल जीवन मिशन के तहत साढ़े पांच वर्षों में 12 करोड़ परिवारों को नल से जल मिला।
उज्ज्वला योजना से 10 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत बीते वर्ष 2.5 करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त इलाज मिला।
कृषि, उद्योग और रोजगार
राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले वर्ष देश में 35 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ। भारत चावल उत्पादन में विश्व में पहले और मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर मोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन में, भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
राष्ट्रपति के अनुसार, वर्ष 2026-27 ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक आधार वर्ष है, जिसकी मजबूत नींव आने वाले दशकों में देश की प्रगति को दिशा देगी।




